गोंडा। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन न करना उपजिलधिकारी सदर को भारी पड़ गया है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्धारित समयसीमा में आदेश का अनुपालन न करने का कारण स्पष्ट करते हुए जवाब मांगा है। आगामी 10 फरवरी को सुनवाई की तिथि मुकर्रर की गई है।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिटकिहवा मौजा रुद्रपुर विसेन निवासी श्यामजी भारती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल कर ग्रामसभा की भूमि व जलनिकासी के लिए बनी सरकारी नाली से अतिक्रमण हटवाने का आदेश देने की याचना की थी। इस पर सुनवाई के बाद 12 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजन राय व मनीष कुमार ने उपजिलाधिकारी सदर अवनीश त्रिपाठी को 15 दिन की समयसीमा में मौके पर जाकर ग्राम सभा की जमीन व नाली से अतिक्रमण हटवाने और समस्या का स्थायी समाधान करने का आदेश दिया। इसके बावजूद एसडीएम ने निर्धारित समयसीमा में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया।
हालांकि 14 दिसंबर 2024 को वह अपनी टीम व पुलिस बल के साथ मौके पर गए। मगर उन्होंने सिर्फ बंद सरकारी नाली को ही खुलवाया। उन्होंने न तो अतिक्रमण हटवाया और न ही समस्या का कोई स्थायी समाधान ही किया। याची का आरोप है कि सादे कागज पर हस्ताक्षर करने से मना करने पर एसडीएम ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। भाई के साथ उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया और शांतिभंग में चालान भी करा दिया।
एसडीएम की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध श्यामजी भारती ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर दी। 20 दिसंबर 2024 को अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने नोटिस जारी कर एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी को आदेश का अनुपालन न होने का कारण स्पष्ट करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेशानुसार नवीन याचिका की भांति इस मामले की सुनवाई अब आगामी 10 फरवरी को होगी।
एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट में अवमानना संबंधी मामले की जानकारी है। राजस्व टीम ने नाली खुलवा दी है। बीडीओ को नाली की मरम्मत कराने को कहा गया है।