संत सम्मेलन में प्रवचन करते संत।
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स्थानीय हनुमान गढ़ी मंदिर में चल रहे श्री हनुमत जयंती महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को दो दिवसीय संत सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। संत सम्मेलन में अयोध्या एवं फैजाबाद के तमाम साधु-संतों ने भाग लिया। समाज निर्माण में संतो की भूमिका पर चर्चा करते हुए मानव कल्याण के लिए संत समाज को आगे आने की बात कही गई।
संत सम्मेलन को में हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत धर्मदासजी महराज ने कहा कि संत का काम समाज को सही दिशा दिखाना है। संतों के मार्गदर्शन से किये गये कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।
अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी अयोध्या के महंत महा मंडलेश्वर मोहनदास महराज ने कहा कि मानव कल्याण के लिए जो भी कार्य हों उनमें संतों की भागीदारी अवश्य होनी चाहिए। हनुमत भवन गोलाघाट अयोध्या के सियाराम शरण दास जी महराज ने कहा कि संत का जीवन मानव कल्याण के प्रति समर्पित होना चाहिए।
नाका हनुमान गढ़ी फैजाबाद से आये पूज्य संत रामदास महराज, रामचरित्र मानस विद्यापीठ के कमला दास जी महराज, भागवत विद्यापीठ के पूज्य संत तुलसीदास जी महराज, जानकीघाट अयोध्या के पूज्य संत राज कुमार दास जी महराज एवं हनुमान गढ़ी अयोध्या के पूज्य संत पहलवान राम कृपाल दास जी महराज आदि ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संत का जीवन त्याग व तपस्या से परिपूर्ण होता है। अपने मार्गदर्शन से मनुष्य को अच्छे कार्यों के प्रति प्रेरित करना तथा बुरे कर्मो के प्रति सावधान करना ही संतों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
संत समाज को पूजा-पाठ के साथ-साथ राष्ट्र सेवा एवं समाज सेवा के प्रति भी लोगों को प्रेरित करना चाहिए। संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए स्वामी मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास शास्त्री जी महराज ने भी साधू संतों को मानव कल्याण के कार्यकर्मो में बढ़-चढ कर हिस्सा लेने की बात कही। सम्मेलन के अंत में हनुमान गढ़ी बलरामपुर के उत्तराधिकारी महंत महेंद्र दास जी महराज ने अयोध्या से आये साधू-संतो के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।