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बिना बोरिंग के ही डेढ़ सौ किसानों को बांट दिया अनुदान

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करनैलगंज(गोंडा)। किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली नि:शुल्क बोरिंग योजना में गोलमाल करने का खुलास हुआ। करीब डेढ़ सौ से अधिक किसानों के यहां बिना बोरिंग के ही अनुदान दिया गया है। बोरिंग सत्यापन के समय यह बात सामने आई है कि बिना किसानों के यहां बोरिंग कराए ही भुगतान लिया गया है। बोरिंग टेक्नीशियन ने सत्यापन के बाद सूची विभाग को सौंपी है। इधर, ब्लॉक के अवर अभियंता से विभाग ने मामले पर जवाब तलब किया है। यह तो एक बानगी भर है, ऐसा ही खेल पूरे जिले के 16 ब्लॉकों में होने की चर्चा है।
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योजना से प्रत्येक किसान को सात हजार रुपये नि:शुल्क बोरी बोरिंग कराने का अनुदान मिलता है। इसमें विभाग किसान के खाते में पैसा भेजता है और किसानों को 140 रुपये की कटौती करने के बाद 6 हजार 860 रुपये का अनुदान मिलता है। साथ ही जो सरकारी डीलर होते हैं, उनके माध्यम से किसानों को पाइप, जाली, डोरी, कपड़ा, रिफ्लेक्टर वाल्ब आदि जो बोरिंग का सामान उपलब्ध कराया जाता है। यहां किसानों का अनुदान देने की बात तो कही जा रही है। लेकिन बोरिंग कहीं नहीं कराई गई। जानकारी के मुताबिक, विभागीय अनुदान के भुगतान के बाद रिफ्लेक्टर वाल्ब नहीं मिला, इसलिए बोरिंग न कराने वाले किसानों की संख्या 41, विभागीय अनुदान का भुगतान हो गया रिफ्लेक्स वाल्ब, चेक वाल्व दिया गया।
इसके बावजूद बोरिंग नहीं हुई ऐसे किसानों की संख्या 24, लाभार्थी को रिफ्लेक्स वाल्ब नहीं मिला। बोरिंग नहीं करवाने वाले ऐसे किसानों की संख्या 76 है। लाभार्थियों को भुगतान दे दिया गया बोरिंग सामग्री व पाइप दे दिया गया, उसके बावजूद बोरिंग नहीं हुई उनकी संख्या चार, अनुदान मिल गया वाल्ब, पाइप नहीं मिला इसलिए बोरिंग नहीं हुई ऐसे किसानों की संख्या है नौ, कुल मिलाकर 154 किसानों की संख्या ऐसी है, जिन्हें वर्ष 2021-22 में नि:शुल्क बोरिंग योजना का लाभ दिया गया।
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दो-चार को छोड़कर बाकी किसानों के यहां बोरिंग नहीं हुई। बोरिंग टेक्नीशियन नरेंद्र सिंह ने कहा कि इस संबंध में जानकारी जेईएमआई से मिल सकती है। उन्होंने बताया कि 104 लोगों की सूची बनाकर विभाग को सौंपी गई थी। जिसमें 45 लोग ऐसे हैं जिन्होंने बोरिंग नहीं कराई है। उनकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराई गई है। अवर अभियंता करनैलगंज प्रमोद तिवारी का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर किसानों के बोरिंग का पंजीकरण होने के बाद उन्हें अनुदान दिया जाता है। 2021-22 की बोरिंग लगभग हो चुकी है, कुछ लोगों की बोरिंग नहीं हुई। जिनका परीक्षण किया जा रहा है कि बोरिंग क्यों नहीं कराई गई। परीक्षण के बाद विभाग को अवगत कराया जाएगा।(संवाद)
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