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50 लाख से अधिक की 320 परियाजनाओं के हो रहे कार्य

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गोंडा। मंडलीय सभागार में बुधवार को आयोजित विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान आयुक्त एसवीएस रंगाराव ने अधिकारियों को जमकर फटकारा। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में 50 लाख रुपए से अधिक 320 परियोजनाओं की हकीकत जानी और अधूरे कार्यों को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए। आयुक्त ने विकास कार्यक्रमों के साथ कानून व्यवस्था तथा कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की भी समीक्षा की।
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बताया गया कि मण्डल में 50 लाख एवं उससे अधिक लागत की कुल 320 परियोजनाएं के कार्य कराए जा रहे हैं। जिसमें 31 परियोजना पूर्ण एवं हस्तांतरण योग्य है। कृषि तथा पशुपालन विभाग की समीक्षा की, जिसमें पीएम किसान योजना के लंबित आवेदनों की जांच कराकर पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाय।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों का दायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएम व सीडीओ को निर्देशित किया कि वे स्वयं गौशालाओं का निरीक्षण करें तथा गौ आश्रय स्थलों में क्षमता के अनुरूप गोवंशों का संरक्षण कराने के साथ ही वहां पर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कराएं।
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निर्माण कार्यों की समीक्षा में आयुक्त ने चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि वे गोंडा-लखनऊ राजमार्ग पर बने घाघरा पुल की जांच करा लें तथा उसके संबंध में रिपोर्ट दें ताकि शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके।
अस्पतालों में आवश्यकतानुसार कार्मिकों की तैनाती आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर ली जाय। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि बच्चों के टीकाकरण की स्वयं मॉनिटरिंग तथा रोजाना समीक्षा करें।
डेंगू से बचाव को लेकर निर्देश दिए कि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों मे घर-घर पानी की जांच कराई जाय तथा लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाय। आयुक्त ने डीडी पंचायत से कहा कि सामुदायिक शौचालयों तथा पंचायत भवनों के निर्माण में गुणवत्ता अधोमानक होने की विभिन्न स्तरों से प्राप्त हो रही हैं, इसलिए मण्डल के सभी जनपदों में बने अथवा निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालयों तथा पंचायत भवनों की गुणवत्ता की जांच टेक्निकल टीम से करा ली जाय।
उद्योग स्थापन के लिए बैंकों के स्तर पर लंबित आवेदनों की लंबी फेहरिस्त देखकर गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान चलाकर लंबित आवेदनों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारित कराएं तथा जानबूझकर आवेदनों को लटकाने वाले बैंक प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।
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