09द्दस्रड्डश्च5-गोंडा में करनैलगंज के सरयूघाट पर पसरा सन्नाटा। (संवाद)
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करनैलगंज(गोंडा)। जहां बाबा नगरिया दूर है जाना बहुत जरूर है के नारे लगते थे, लाखों कांवरियों के बोल बम व जयकारों की गूंज होती थी वहां सन्नाटे की दस्तक रही। कांवरियों को रोकने के लिए सरयू घाट पर भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे। इससे दैनिक तौर पर स्नान करने वाले लोग भी गुरुवार को सरयू में डुबकी नहीं लगा सके।
गुरुवार को मनायी जा रही कजरी तीज से एक दिन पूर्व सरयू घाट पर करीब 10 लाख से अधिक कांवरियों के जुटने की संभावना थी। जिस पर प्रशासन द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत मेला आयोजन पर रोक लगा दी थी। सरयू घाट पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर कांवरियों का आना पूरी तरह से रोक दिया गया। इसके चलते इस वर्ष भी जिले का सबसे बड़ा मेला कोरोना की भेंट चढ़ गया।
उपजिलाधिकारी हीरालाल व सीओ मुन्ना उपाध्याय कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह लगातार घाट पर मौजूद रहकर पूरे माहौल पर नजर रखे रहे। पुलिस व प्रशासन ने करनैलगंज के सरयू तट पर पुलिस ने कांवरियों को रोकने के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम कर रखे थे। इसके तहत सरयू घाट तक जाने वाले सभी मार्गों को बल्ली और बांस के सहारे बंद कर चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। इससे एक भी कांवरिया सरयू घाट तक पहुंचने में सफल नहीं हो पाया। प्रशासन की अपील पर जिले के कई शिव मंदिरों के महंतों ने भी मंदिर के कपाट बंद रखने का ऐलान पहले से कर रखा था।