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पर्चा काउंटर से ही बेरंग लौटा दिये जाते ओपीडी कराने आये मरीज 16-35-37

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गोंडा जिला अस्पताल में खाली कोविड हेल्पडेस्क। - फोटो : GONDA
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पगोंडा। बदलते मौसम के कारण लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जन सामान्य मरीजों के लिए बने जिला अस्पताल की ओपीडी ही नहीं खुलती है। जब मरीज पर्चा काउंटर पर पहुंचता है तो उसे यह कहकर वापस कर दिया जाता है कि इस मर्ज के डॉक्टर ही नहीं हैं। अस्पताल में बने कोविड-19 हेल्पडेस्क तो बना है पर उस पर बैठने वाला कोई नहीं है। सोमवार को मरीजों में ऐसी छटपटाहट दिखी जिसे देखकर अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था से लोगों का मोहभंग हो रहा है। मरीजों को न ही चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं और न ही पीने का पानी। साफ-सफाई का आलम यह है कि आवारा कुत्ता कहीं से मांस का टुकड़ा लेकर पूरे अस्पताल में घूम रहा है। जिले की चिकित्सा व्यवस्था पर पेश है रिपोर्ट-
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नाम की बनी हेल्प डेस्क
सुबह आठ बजे खुलने वाले अस्पताल में नौ बजे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। कुछ मरीज पर्चा कटवाकर डॉक्टर का इंतजार करते नजर आए। मरीज ओपीडी के सामने पहुंचे तो देखा कि फिजीशियन, सर्जन, बाल रोग विभाग सहित अन्य सभी विभागों की ओपीडी बंद थी। केवल आर्थो की ओपीडी खुली थी लेकिन यहां भी डॉक्टर नहीं थे। इमरजेंसी गेट के सामने थर्मल स्क्रीनिंग के लिए बनी हेत्प डेस्क सूनी थी। जिला अस्पताल में इमरजेंसी गेट से जाने वाले मरीजों व तीमारदारों की थर्मल स्क्रीनिंग कर उनके हाथों को सैनिटाइज कराने के लिए एक डेस्क बनाई गई है। परंतु सुबह 8:40 तक कोई भी कर्मचारी उस डेस्क पर दिखाई नहीं दिया।
फिजीशियन कक्ष में लगा ताला
बदलते मौसम के कारण अस्पताल में सबसे अधिक सर्दी जुकाम, बुखार तथा सरदर्द व पेटदर्द के मरीज देखने को मिले। परंतु कोई फिजीशियन न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। सुबह 10:35 तक फिजीशियन कक्ष में ताला लटका रहा।
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मांस का टुकड़ा लेकर अस्पताल में घूमता रहा कुत्ता
अस्पताल में साफ सफाई का आलम तो ये है कि आवारा कुत्ते पूरे अस्पताल में सैर करते दिखे। कहीं मरीजों के बगल तो कहीं किसी वार्ड में घूमते मिल जाएंगे। देखा गया कि एक कुत्ता मुंह में मांस जैसा कोई टुकड़ा लेकर न्यूरो वार्ड से निकलकर पूरे अस्पताल में घूम रहा था।इनसेट
पर्चा काउंटर से ही बेरंग लौटा दिये जाते मरीज
जिला अस्पताल में फिजीशियन सहित अन्य डॉक्टरों के न बैठने के कारण पर्चा काउंटर से ही मरीजों को वापस कर दिया जाता है। कटरा बाजार के खोड़ारीपुरवा निवासी विश्राम गोस्वामी ने बताया कि उनके सीने में बहुत दर्द व जलन है। डॉक्टर को दिखाने आये थे लेकिन काउंटर पर बोला गया कि कोई डॉक्टर नहीं है। बालपुर से आई शांति देवी ने बताया कि उसे दो दिन से बहुत तेज बुखार है। पर्चा नहीं बना और वापस कर दिया गया। बनगाई से आये ललित कुमार ने बताया कि उनके कान में बहुत दर्द है। लेकिन डॉक्टर न होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। चौक बाजार से आये विजय गांधी ने बताया कि उसे बहुत घबराहट हो रही है। लो ब्लेड प्रेशर की शिकायत है। डॉक्टर को दिखाना था लेकिन पर्चा नहीं काट रहे हैं।
ओपीडी संचालन का नहीं है निर्देश
अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा के लिए ही निर्देश है। इसके अलावा ओपीडी खोलने व मरीजों को देखने के लिए शासन से किसी प्रकार का निर्देश नहीं है। इसलिए ओपीडी का संचालन नहीं किया जा रहा है। -डॉ अरुण लाल, प्रमुख चिकित्साधीक्षक गोंडा
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