गोंडा। आठ दिन पहले कोतवाली नगर क्षेत्र के कटहामाफी गांव में जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस ने लोगों के घरों में घुसकर ग्रामीणेें की पिटाई की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने पिटाई के आरोपी कोतवाली नगर के चार सिपाहियों को निलंबित किया है।
बता दें कि कोतवाली नगर क्षेत्र के कटहामाफी गांव में 06 सितंबर को कोतवाली नगर के चार सिपाही जुआरियों को पकड़ने गए थे। वहां सिपाहियों की जुआरियों से तीखी झड़प हो गई। सिपाहियों ने इसकी सूचना फोन पर कोतवाल नगर आलोक राव को दी। जिस पर कोतवाली से भारी संख्या में पुलिस बल कटहामाफी पहुंच गया। उसके बाद पुलिस ने एक तरफ से लोगों की पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप था कि कोतवाली पुलिस ने लोगों के घरों में घुसकर बेरहमी से पिटाई की। जिसमें कोतवाली पुलिस पर आरोप था कि पुलिस ने गांव के आशिक अली की इस तरह पिटाई की। जिससे उसकी आंखों में गंभीर चोट पहुंची। उसका लखनऊ में इलाज कराया गया।
इस घटना के दूसरे दिन ग्रामीणों का हालचाल लेने पहुंचे बसपा नेता मसूद आलम खां के संग गांव की महिलाओं ने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को ग्रामीणों की पिटाई के आरोपी कोतवाली नगर के चार सिपाहियों उदय राजभर, कुंजधन चौहान, रमाशंकर राजभर व राहुल रावत को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक आरके नय्यर ने बताया कि आरोपी चारो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।