जिले में बुधवार की रात व गुरुवार की सुबह हुई बारिश से पछेती फसलों को फायदा हुआ, जबकि पककर तैयार खड़ीं फसलें गिर गई हैं। बारिश व हवा तेज चलने से धान व गन्ना की फसलें खेत में ही पसर गई हैं। इससे किसानों को चपत लगी है। फसलों के उत्पादन पर असर पडे़गा।
इस बार मानसून की अनियमितता से किसानों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश न होने से बीच-बीच में किसानों को धान की फसल की सिंचाई करनी पड़ी। वहीं, बीती रात व गुरुवार सुबह हुई बारिश से पछेती धान की फसल को फायदा हुआ है, जबकि 80 प्रतिशत धान की अगेती फसल को नुकसान हुआ है।
अगेती धान की फसल पककर खेत में खड़ी है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से ये फसल गिर गई हैं। इसके अलावा गन्ने की फसल भी गिर गई है। इससे धान व गन्ना उत्पादन में कमी आ सकती है।
जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि अधिक बारिश नहीं हुई है। हां तेज हवा चलने से किसानों की कुछ फसलें गिर गई हैं। लेकिन अधिक नुकसान नहीं हुआ है। चौहट्टा गांव निवासी किसान लल्लू कश्यप, भगवंतदिन पुरवा निवासी फौजदार शुक्ल, मस्जिदिया निवासी लुकमान अंसारी, भंगहा निवासी अर्जुन प्रसाद गोस्वामी का कहना है कि धान की तैयार फसल जिसकी कटाई एक-दो दिन में शुरू होनी है, उसे काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं पखवारा भर बाद कटने वाले धान की अधिकांश फसलों को अचानक बारिश से फायदा हुआ है।