पहाड़ों पर हुई भारी बारिश से गुरुवार को खरझार पहाड़ी नाले में उफान आ गया। पहाड़ी नाले की बाढ़ से करीब 24 गांव पानी से घिर गए हैं। सैकड़ों किसानों के खेतों में लगी धान व अन्य फसलें बाढ़ के पानी में डूब गईं। पानी भर जाने से क्षेत्र के कई गांवों के लोगों का आवागमन भी ठप हो गया। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर पुल, एप्रोच व सड़क की मरम्मत न कराने का आरोप लगाया है।
क्षेत्रवासी मोहम्मद उमर, मोहम्मद शाहिद, वशीर, शरीफ, मोहम्मद अली, कमालुद्दीन, श्रवण कुमार यादव, सालिकराम, बाबा यादव, मोहम्मद आलम, महेंद्र तिवारी, राजेंद्र व कल्लू आदि ने बताया कि पहाड़ों पर भारी बारिश होने से खरझार नाले में आई बाढ़ से क्षेत्र के करीब 24 गांव पानी से घिर गए है।
किसानों के खेत में लगी धान व अन्य फसलें बाढ़ के पानी में डूब जाने से चौपट हो गई हैं। नाले की बाढ़ का पानी घरों व सड़कों पर भी बह रहा है। बाढ़ के चलते क्षेत्र के कई गांवों के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। ब्लॉक व जिला मुख्यालय से इन गांवों के लोगों का संपर्क कट गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि खरझार पहाड़ी नाले के पुल के क्षतिग्रस्त एप्रोच व सड़क की मरम्मत न होने के कारण बाढ़ का पानी लोगों के खेतोें में भर गया है।
ललिया संवाद सूत्र के अनुसार दो दिनों से हुई बारिश व आंधी के चलते खेतों में लगी गन्ना, धान व अन्य फसलें गिर गई है, जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। बारिश के चलते राप्ती नदी में भी बाढ़ का पानी आया है, लेकिन खतरे के निशान से काफी नीचे है।
डीएम राम विशाल मिश्र ने बताया कि क्षेत्रवासियों की सूचना पर एसडीएम सदर जेेपी सिंह व तुलसीपुर एसडीएम एसके त्रिपाठी को मौके पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। दोनों एसडीएम की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।