मोतीगंज (गोंडा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काजीदेवर में कोराना काल में स्थापित किए गए ऑक्सीजन प्लांट पर इस समय ताला लटक रहा है। यहां तैनात ऑपरेटर को जुलाई 2024 में हटा दिए जाने के बाद से नई तैनाती न होने के कारण प्लांट चलाने वाला कोई नहीं है। यहां के अधीक्षक कई बार विभागीय अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हो सका है।
सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 200 मरीजों की ओपीडी होती है। यहां पर हेल्थ एटीएम नहीं लगाया गया है, जिससे मरीजों को सैंपल देने के बाद करीब एक घंटे तक रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं, वर्तमान में यहां पर रसायन न होने के कारण ब्लड ग्रुप की जांच नहीं हो पा रही है। एलटी वीरेंद्र दूबे ने बताया कि सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, हार्ट से संबंधित, मलेरिया, डेगू, शुगर, टाइफाइड, टीवी, शुगर की जांच हो रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से उपलब्ध संसाधनों के आधार पर मरीजों के बेहतर उपचार की कोशिश की जाती है।
सिर्फ तीन दिन ही एक्सरे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे जांच सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही होती है। टेक्नीशियन शशि कुमार सिंह सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को काजीदेवर व शेष तीन दिन वजीरगंज में अपनी सेवाएं देते हैं। वहीं, अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा यहां नहीं है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
महिला मरीज परेशान
सीएचसी पर चिकित्सा अधीक्षक समेत छह लोगों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन अधीक्षक डॉ. आलोक सिंह, डॉ. डीके भास्कर व महिला चिकित्सक डॉ. पुनीता बाजपेई की ही तैनाती है। इसमें महिला चिकित्सक तीन दिन काजीदेवर व तीन दिन मुख्यालय पर बैठती हैं। वर्तमान में 25 मार्च तक एएनएम को प्रशिक्षण देने के लिए बतौर ट्रेनर वह मुख्यालय पर सेवा दे रही हैं। इसलिए महिला मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।