गोंडा। बभनजोत सीएचसी में जन्म से जुड़े दो सरकारी रिकॉर्ड में 1630 का अंतर सामने आया है। जनवरी से अगस्त 2026 तक हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) में इस सीएचसी में 3665 प्रसव दर्ज हैं, जबकि सीआरएस पोर्टल पर इसी अवधि में केंद्र के नाम से 5295 जन्म प्रमाणपत्र जारी होना दर्ज है। अंतर की वजह जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कराई है।
अधिकारियों ने सीआरएस पोर्टल के आंकड़ों का एचएमआईएस से मिलान किया तो यह अंतर सामने आया। अब प्रमाणपत्रों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। जांच में जन्मस्थान, संबंधित रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र जारी करने के लिए इस्तेमाल की गई आईडी की जानकारी का मिलान किया जाएगा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि मामला उनकी तैनाती से पहले का है। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। अंतर के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
रुपईडीह समेत कुछ अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के जन्म प्रमाणपत्र संबंधी रिकॉर्ड की भी जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन केंद्रों को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। शिकायतों के आधार पर रिकॉर्ड की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
यह है व्यवस्था
जन्म का पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित क्षेत्र में कराया जाता है। स्वास्थ्य केंद्र में हुए जन्म की पंजीकरण प्रक्रिया केंद्र स्तर से पूरी होती है। निजी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए संबंधित क्षेत्र की व्यवस्था लागू होती है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका या नगर पंचायत के माध्यम से जन्म पंजीकरण कराया जाता है।
जांच टीम गठित
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि प्रकरण जानकारी में है। एसीएमओ की अगुवाई में दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। टीम सीआरएस, एचएमआईएस और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी। सीएचसी अधीक्षक से भी जवाब मांगा गया है।