रुपईडीह/गोंडा। हर साल बरसात में सड़कों के टूटने का सिलसिला निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। आर्यनगर से महराजगंज तक बनी प्रमुख सड़कें पांच साल के भीतर ही जगह-जगह खराब हो गई हैं। कई स्थानों पर सड़क फट चुकी है और एक दर्जन से अधिक जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। विभाग ने हाल में ही पैचिंग कराई, लेकिन कुछ स्थानों पर सड़क फिर उखड़ने लगी है।
लोक निर्माण विभाग खंड-दो ने वर्ष 2020 में आर्यनगर से गोकरननाथ शिवाला तक करीब आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण स्वीकृत किया था। वर्ष 2021 में गोकरननाथ शिवाला से पृथ्वीनाथ मंदिर, झालीधाम होते हुए विशुनापुर बाजार तक करीब 14 किलोमीटर सड़क स्वीकृत हुई। करीब 22 किलोमीटर लंबी इन दोनों सड़कों की लागत 58 करोड़ रुपये आई। निर्माण का जिम्मा निर्भय कंस्ट्रक्शन को मिला था। निर्माण में करीब दो वर्ष लगे।
इसी अवधि में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने गोकरननाथ शिवाला-भवनियापुर उपाध्याय चौराहा और वहां से महराजगंज तक करीब 8.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया। इसकी लागत करीब 12 करोड़ रुपये थी। निर्माण शिव कंस्ट्रक्शन ने किया था। यह सड़क भी अब जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है।
पैचिंग पर 30 लाख खर्च, फिर भी उखड़ रही सड़क
वर्ष 2025-26 और 2026-27 में इन सड़कों की पैचिंग के नाम पर विभाग करीब 30 लाख रुपये खर्च कर चुका है। इसके बावजूद कश्मिरवा, गोपालबाग, विसुही नदी पुल, गौनरिया, भयापुरवा, खटिकनपुरवा, भटपी, भवनियापुर चौराहा, पोखरा और महेशपुर के पास सड़क फिर टूटने लगी है।
पूर्व ग्राम प्रधान मैनुद्दीन खान, अफसर अहमद, मुलायम सिंह यादव, अशोक यादव, मुश्ताक अहमद समेत ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के समय ही अनियमितता की शिकायत की गई थी। सड़क बनने के बाद से ही कई स्थानों पर गड्ढे होने लगे थे।
मरम्मत के कुछ माह बाद ही धंसने लगी सड़क
पसका। मलांव-पूरे पांडेय संपर्क मार्ग की मरम्मत तीन-चार माह पहले कराई गई थी। अब सड़क के दोनों किनारों पर कई जगह धंसाव शुरू हो गया है। सतह पर बिछे पत्थर भी बाहर निकल आए हैं। ग्रामीण विजय और रमाकांत ने बताया कि कुछ ही महीनों में सड़क खराब होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अवर अभियंता रामनिवास ने बताया कि सड़क की स्थिति की जांच कराई जाएगी। कमी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अफसर बोले
लोक निर्माण विभाग खंड-दो के अवर अभियंता उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जहां-जहां गड्ढे थे, उन्हें भर दिया गया है। प्रांतीय खंड के अवर अभियंता निर्पेंद्र शुक्ल ने बताया कि गोकरननाथ शिवाला से महराजगंज के बीच गड्ढों को भरा जा रहा है। सहायक अभियंता गोपाल पत्रलेख ने बताया कि सड़कों के रिन्युअल के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह से बातचीत
सवाल : सड़क कब बनी थी?
जवाब : आर्यनगर-महराजगंज मार्ग बलरामपुर को जोड़ता है। इसका निर्माण 2021-22 में हुआ है।
सवाल : इसकी गारंटी कितने साल की है?
जवाब : तब सिर्फ दो साल की गारंटी होती थी। अब पांच साल की गारंटी के लिए टेंडर कराया जाता है।
सवाल : बारिश से पहले पैचवर्क क्यों नहीं हुआ?
जवाब : बारिश में नए पैच बनते हैं। अगर पहले पैचवर्क करा दिया जाए तो दोबारा गड्ढे हो जाएंगे।
सवाल : इस सड़क की मरम्मत पर अब तक कितना खर्च हुआ?
जवाब : कजरी तीज आदि मेलों के चलते पैचवर्क कराने में खर्च हुआ है।
सवाल : खराब सड़क के लिए जिम्मेदार ठेकेदार पर क्या कार्रवाई हुई?
जवाब : सड़क खराब होने पर कार्रवाई की जाती है। दोबारा मेंटेन कराया जाता है।
सवाल : कितने गड्ढे भरने का लक्ष्य रखा गया और कितने भरे गए?
जवाब : सभी गड्ढे भरे जाएंगे।