गोंडा। जिला अस्पताल स्थित वन स्टाप सेंटर घरेलू हिंसा व दुष्कर्म की शिकार महिलाओं के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। जिले की पीड़ित महिलाओं की मदद के उद्देश्य से स्थापित इस सेंटर ने कम समय में ही अपनी सार्थकता साबित कर दी है।
सिविल लाइन स्थित वन स्टाप क्राइसेस सेंटर घरेलू हिंसा व दुष्कर्म की शिकार महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। पीड़ित महिलाओं की मदद के उद्देश्य से स्थापित इस सेंटर को लेकर महिलाओं में जागरूकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस सेंटर पर फरवरी 2020 से अब तक 939 पीड़िताओं को मदद मिल चुकी है।
केस: एक
दुष्कर्म पीड़िता को मिली कानूनी मदद
हाल ही में एक दुष्कर्म पीड़िता को पीआरबी ने वन स्टाप सेंटर के हवाले किया तो पांच दिनों के भीतर उसे विधिक सहायता के साथ परिवारजनों को सौंप दिया गया। 16 मार्च को चौक बाजार से एक दुष्कर्म पीड़िता वन स्टाप सेंटर लाई गई। मानसिक रूप से कमजोर पीड़िता से बातचीत करने पर पता चला कि वह जौनपुर से निकली लेकिन कोई सवारी नहीं मिली। एक ट्रक वाले से लिफ्ट लिया तो उसने रास्ते में उसके साथ दुष्कर्म करके अयोध्या में छोड़ दिया। वह किसी तरह गोंडा पहुंची तो पीआरबी के पुुलिसकर्मी यहां ले आए। पांच दिनों के भीतर उसके माता-पिता से संपर्क कर बहराइच भेज दिया गया। वहीं मुंबई से आई लावारिस अवस्था में मिली एक युवती तथा बिहार के सिवान जिले से आई एक किशोरी को वन स्टाप सेंटर का सहारा मिला है।
केस: दो
टूट रहे रिश्ते को मिली मजबूती
हाल ही में सामने आए मामलों में सेंटर की ओर से एक पीड़ित महिला की मदद की गई। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर प्राप्त शिकायत के बाद सेंटर के स्टाफ ने महिला से संपर्क किया गया। पीड़िता ने बताया कि उसका पति बहुत शराब पीता है और उसके साथ मारपीट करता है। पति कई-कई दिनों तक घर नहीं आता था और उसके सास-ससुर भी उसे बहुत परेशान करते थे। पीड़ित महिला की काउंसलिंग की गई और प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस को महिला के घर भेजा गया और परिवारीजनों को समझा-बुझाकर उनका राजीनामा करवाया गया। अब उसके परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा है।
मानसिक तौर पर सशक्त बनाने का किया जाता है प्रयास
वन स्टाप सेंटर की प्रबंधक दीपशिखा शुक्ला ने बताया कि घरेलू हिंसा व दुष्कर्म की शिकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक व मानसिक तौर पर सशक्त बनाने व उनकी मदद का काम किया जाता है। यहां महिलाओं को मानसिक तौर पर सशक्त बनाने का प्रयास किया जाता है। सेंटर में एक व्यवस्थापक, एक पुलिस अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, आइटी प्रोफेशनल, मनोचिकित्सक व सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम के तहत सेंटर में तैनात अधिवक्ता निधि त्रिपाठी ने बताया कि इस सेंटर में कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, रहने के लिए अल्प आवास की सुविधा दी जाती है। (संवाद)
रास्ते की है समस्या
वन स्टाप सेंटर तक जाने के लिए पहले सीएमओ कार्यालय के बगल से रास्ता तय था। अब इसे बंद कर दिया गया है। ऐसे में वन स्टाप सेंटर क्रियाशील होने के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बगल से रास्ता है। प्रबंधक दीपशिखा शुक्ला ने बताया कि रात के समय इस रास्ते पर सन्नाटा होने के कारण समस्या आएगी। अगर सामने से रास्ता मिल जाए तो पीड़ित व कर्मचारियों को सेंटर तक पहुंचने में आसानी हो जाए।
पीड़ित इन नंबरों पर कर सकती हैं कॉल
महिला हेल्प लाइन- 181
पुलिस हेल्प लाइन- 112
जिला अस्पताल - 05262-223898