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बिना पंजीकरण चल रहे 45 नर्सिंगहोम

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फोटो-3 गोंडा के सीएमओ कार्यालय में पत्रावलियों का निरीक्षण करते डिप्टी सीएम डॉ टीपी जायसवाल। -संव - फोटो : GONDA
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गोंडा। अंतिम तिथि बीतने के महीने भर बाद भी 45 नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक पंजीकरण के नवीनीकरण में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिले में छोटे-बड़े मिलाकर कुछ 99 नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल तक ही वैध था। इसके बाद इन्हें विभागीय मानक पूरे करके रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना था, लेकिन अब तक मात्र 54 नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटरों का ही नवीनीकरण हुआ है। बाकी 45 नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटराें को अवैध मानकर विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। नवीनीकरण नहीं कराने वालों में शहर के सात नामीगिरामी नर्सिंगहोम भी शामिल हैं।
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पिछले साल जिले में 99 नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटरों का रजिस्ट्रेशन था, जिनका 30 अप्रैल तक नवीनीकरण होना था। अब तक मात्र 54 नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटरों का नवीनीकरण हुआ है जबकि अग्निशमन विभाग की एनओसी व अन्य मानक पूरे नहीं होने के कारण 45 नर्सिंगहोम का लाइसेंस अटक गया है। इसमें से 23 लोगों ने लापरवाही के चलते नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया। नवीनीकरण में लापरवाही करने वालों में शहर के सात नामीगिरामी नर्सिंगहोम भी शामिल हैं। विभाग इन्हें अवैध मानकर कार्रवाई करने में जुट गया है। (संवाद)
डीएम की निगरानी में होगा बड़े अस्पतालों का नवीनीकरण
जिले में संचालित 50 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी नर्सिंगहोम के नवीनीकरण के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। जिसमें डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार अध्यक्ष, सीएमओ डॉ. आरएस केसरी सचिव तथा सीडीओ, एडीएम, सीएमएस महिला अस्पताल तथा सिटी मजिस्ट्रेट सदस्य हैं।
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कार्रवाई के लिए गठित की जाएंगी टीमें
बिना पंजीकरण के संचालित नर्सिंगहोमों पर शिकंजा कसने की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल की अगुवाई में टीमें बनाकर इन अवैध नर्सिंगहोम पर छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी। पंजीकरण नहीं कराने वाले अस्पतालों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई है।
जिले में कुल 72 नर्सिंगहोम व 27 डायग्नोस्टिक सेंटर
50 बेड से अधिक क्षमता वाले सात हैं नर्सिंगहोम
अस्पतालों के नवीनीकरण के ये हैं मानक
नर्सिंगहोम में दो बेडों के बीच की दूरी ढाई फिट होनी चाहिए।
अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की एनओसी चाहिए।
नर्सिंगहोम में कम से कम तीन डॉक्टरों का पैनल होना चाहिए।
स्टाफ नर्स होनी चाहिए
नवीनीकरण नहीं कराने वाले नर्सिंगहोम व डायग्नोस्टिक सेंटरों पर छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीमें टीमें गठित की जा रही हैं। बिना पंजीकरण एक भी सेंटर नहीं संचालित हो सकेगा। डॉ. टीपी जायसवाल, डिप्टी सीएमओ
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