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खराब परफॉरमेंस वाले अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस

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गोंडा के कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य समिति की बैठक करते डीएम। - फोटो : GONDA
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गोंडा। अपेक्षाओं पर खरी साबित नहीं हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को कारण बताओं नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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कार्रवाई के घेरे में चिकित्सा अधीक्षक परसपुर, बेलसर, तरबगंज, पंडरी कृपाल, बभनजोत तथा काजीदेवर आएं हैं। इसके साथ ही बैठक से बिना सूचना के गायब रहने वाले एसीएमओ का वेतन भी रोकने का निर्देश दिया गया। डीएम सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में हिस्सेदारी कर रहे थे।
उन्होंने स्टिल बर्थ अनुपात में खराब प्रगति पर जिला महिला चिकित्सालय, सीएचसी पंडरी कृपाल तथा तरबगंज के अधीक्षकों से भी लिखित जवाब तलब किया है।
बैठक में यूपी एचएमआईएस हेल्थ डैशबोर्ड, मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, कम्युनिटी प्रोसेस, राष्ट्रीय कार्यक्रम नान कम्युनिकेबल डिजीज, जननी सुरक्षा व मातृ वंदना योजना के तहत भुगतान की स्थिति और पीएचसी व सीएचसी पर भर्ती बेडों की स्थिति समेत अन्य बिन्दुओं की गहन समीक्षा गई।
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बिना सूचना के बैठक से अनुपस्थित पाए जाने पर मनकापुर के एसीएमओ डॉ एके राय का वेत अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश भी डीएम ने दिया।
टीबी मरीजों की खोज व चेकअप में खराब प्रगति पर टीबी के नोडल अधिकारी सहित सीएचसी अधीक्षक रूपईडीह, तरबगंज, खरगूपुर, मसकनवा तथा मनकापुर को फटकार लगाई गयी।
निर्देश दिया गया कि जिला बेसिक अधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक से समन्वय बनाते हुए स्कूलों में कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं की आंख की जांच कराई जाय। दिसंबर माह में जरूरतमंद बच्चों को जनप्रतिनिधियों के हाथों नि:शुल्क चश्मे का वितरण कराया जाय।
जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम व पैथालोजी संचालकों के खिलाफ अभियान चलाकर छापेमारी कराई जाय तथा इसमें संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के साथ ही संचालको के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाय।
उन्होंने निर्देश दिया कि सीएचसी, पीएचसी तथा सब सेंटरों पर कर्मचारियों की उपस्थिति प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराई जाय तथा बार-बार निर्देश कि बावजूद न सुधरने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड के नए स्वरूप से निबटने को सभी को पूरी तरह सतर्कता बरतना जरूरी है। इसके लिए छूटे हुए लोगों को चिह्नित कर शत प्रतिशत कोरोना का टीका अवश्य लगाया जाए। साथ सरकारी दफ्तरों में कार्यरत सभी प्रकार के कर्मचारियों से भी कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन में पूरी कड़ाई बरती जाए।
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