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500 संविदा कर्मियों के पीएफ खाते का अता पता नहीं

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गोंडा। पावर कॉर्पोरेशन में गड़बड़ी उजागर होते ही गोंडा में फ्रेंचाइजी चलाने वाले संचालकों व अधिकारियों में खलबली मची रही। पूरे दिन संविदा कर्मियों के पीएफ का डिटेल खंगाला जाता रहा, लेकिन 2009 से काम करने वाले करीब 500 संविदा कर्मियों के पीएफ खाते का अता पता नहीं चल सका। खास कर संविदा कर्मियों को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। संविदा कर्मियों के मानदेय व पीएफ घोटाले में यहां फ्रेंचाइजी चलाने वाले एक कंपनी के संचालक को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी।
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जिले में वर्ष 2009 में आउटसोर्सिंग के जरिए संविदा कर्मियों की भर्ती शुरू हुई थी। वर्ष 2009 से 2012 तक चार कंपनियों के माध्यम से आउट सोर्सिंग कर्मियों की भर्ती की गई। इसमें अवध ट्रेडिंग कंपनी, जनता, आरएन व एक अन्य कंपनियों ने 225 कर्मियों की नियुक्ति की। 2012 से 2013 के बीच 318 संविदा कर्मियों की नियुक्ति की गई। 2013 से अब तक एसएमएम व यूएमएम नाम से बाप बेटे की कंपनी ने काम ले लिया। मौजूदा समय 522 संविदा कर्मी काम पर हैं। अधिकारियों की मानें तो सभी के पीएफ जमा किए गए हैं लेकिन इसमें 40 प्रतिशत कर्मी ऐसे हैं जिनके पीएफ खाते का यूएन नंबर व पासवर्ड जारी किया गया है। लेकिन 60 प्रतिशत कर्मियों के पीएफ का डिटेल कर्मियों को नहीं बताया गया है।
कर्मचारियों के डेट ऑफ बर्थ और नाम अलग-अलग दर्शाए गए हैं। पैन कार्ड व आधार कार्ड अलग-अलग फीड कराए गए हैं। यानि पीएफ खाता किसी और का तथा फोन नंबर किसी और का दर्शाया गया है। इतना ही नहीं कई लोगों के खाते में दूसरे का आधार कार्ड व पैन कार्ड लगाया गया है। बिजली कर्मचारी नेता रामकृपाल ने बताया कि 2016 से यूएमएम यानि उत्कर्ष मोहन मिश्र ने काम लिया है तब से कुछ कर्मियों के खाते में पीएफ धनराशि जमा होने का मैसेज आता है लेकिन इसकी पूरी जानकारी किसी भी कर्मी के पास नहीं है। यदि कोई कर्मी जानने का प्रयास करता है तो उसे बाहर निकालने तक की धमकी दी जाती है।
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एक कंपनी हुई प्रतिबंधित तो पत्नी के नाम बना ली दूसरी
मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनी को एक साल पहले प्रतिबंधित कर दिया गया और काम कराने से मना किया गया। बिजली सामग्री चोरी का मामला कानपुर में पकड़ा गया था। इसमें गोंडा के दो अभियंता भी शामिल पाए गए थे। इस मामले में आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म को प्रतिबंधित कर दिया गया। लेकिन ठेका हथियाने वाले संचालक ने दूसरी फर्म आदर्श पावर के नाम से बना लिया और काम रही है।
किसी प्रकार की नहीं मिली सूचना
किसी कर्मी द्वारा पीएफ कटने, न कटने या जानकारी न होने की सूचना उन्हें नहीं दी गई है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या जानकारी होगी तो उस फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंडल में काम करने वाली सभी फर्मों से कर्मचारियों की पूरी डिटेल मांगी गई है। उनके पीएफ खातों का ब्योरा भी तलब किया गया है। -सत्येंद्र सक्सेना, मुख्य अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
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