गोंडा। कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के खतरा के बाद भी रोकथाम के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है। बाजारों व भीड़ वाले स्थानों पर लोग बिना मास्क व शारीरिक दूरी के खरीदारी करते व घूमते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक जनसभाओं में खुलेआम कोविड नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोविड कंट्रोल व हेल्प डेस्क शोपीस बनकर रह गए हैं। जिले में आने वाले यात्रियों की जांच के नाम पर भी लापरवाही बरती जा रही है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर दिनभर भीड़ जुटती है।
आंबेडकर चौराहा के पास बने आधार केंद्र के बाहर सैकड़ों लोग भीड़ में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे है। किसी के मुंह पर मास्क नजर नहीं आ रहा था। न ही कोई शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा था। ऐसी ही लापरवाही नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को बढ़ावा दे रही है। पास खड़े पुलिसकर्मी भी किसी को मास्क पहनने की हिदायत नहीं दे रहे थे।
जिला महिला अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क तो बनाया गया था, लेकिन कर्मचारी नदारद होने के कारण शोपीस बनकर रह गया। अस्पताल में अल्ट्रासांउड के लिए खड़ी महिलाओं ने चेहरे पर मास्क लगाना उचित नहीं समझा। वहीं कुछ डॉक्टर भी मास्क नाक के नीचे लटकाए दिखाई पड़े।
ऐसे में इलाज कराने आने वाले लोगों से नए वेरियंट के प्रसार की संभावना बनी रहती। कोराना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक में शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा था और मास्क भी अधिकांश लोगों के मुंह पर नजर आते थे, लेकिन अब शारीरिक दूरी का तो कोई पालन कर ही नहीं रहा, बल्कि मास्क भी गायब हो गए है।
विधानसभा चुनाव करीब आते ही हर राजनीतिक दल तथा टिकट के दावेदार चुनाव जीतने के लिए जनसैलाब के साथ शक्ति प्रदर्शन करने में जुटे हैं, जिसमें कोविड प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
रथयात्रा व रैलियों में हजारों की भीड़ जुट रही। लोग शारीरिक दूरी का ध्यान नहीं दे रहे हैं। बुधवार को मेहनौन विधानसभा में एक राजनीतिक दल के रथयात्रा में हजारों लोगों की भीड़ जुटी थी, लेकिन मुंह पर मास्क, शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन नहीं कर रहा था। जिम्मेदार जनप्रतिनिधि बिना मास्क लगाए दिखायी पड़ रहे थे।
सरकारी कार्यालयों में कोरोना हेल्प डेस्क का पुराना बैनर तो लगा है। लेकिन अधिकांश कार्यालयों के हेल्प डेस्क पर न कोई कर्मचारी था न ही उसके बैठने के लिए कुर्सी रखी थी। यहीं हाल कलक्ट्रेट परिसर में बने कोविड कंट्रोलरूम का था। यहां पर डेस्क पर कोरोना से संबधित जानकारी देने वाला कोई कर्मचारी नहीं दिखाई पड़ रहा था। ऐसे में नए वेरिएंट को लेकर होने वाली तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं।