गोंडा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की आशंका है। जो माताएं बच्चों को भरपूर स्तनपान कराती हैं, उन्हें बच्चों की ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।
मां का दूध बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत देता है तथा कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों से भी बच्चे को पूरी तरह से महफूज रखता है। यह बात विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ आरएस केसरी ने कही।
उन्होंने बताया कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए ही इस साल इस सप्ताह की थीम है ‘स्तनपान सुरक्षा की जिम्मेदारी, साझा जिम्मेदारी’ रखी गई है। सप्ताह को मनाने का मुख्य उद्देश्य धात्री माताओं और परिवार वालों को मां के दूध के महत्व की जानकारी दी जाती है।
नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध अमृत के समान है। डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत, शिशु और पांच साल से कम आयु के बच्चों की मृत्यु के अनुपात को कम कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने कंगारू केयर कार्नर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धात्री माताओं को स्तनपान एवं टीकाकरण के महत्व और फायदे गिनाए।
उन्होंने बताया कि मां का दूध शिशु को निमोनिया, डायरिया और कुपोषण के जोखिम से भी बचाता है। इस मौके पर एसीएमओ ने कटे तालू वाले एक बच्चे को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक उमाशंकर वर्मा को बच्चे को यथाशीघ्र उपचार दिलवाने हेतु निर्देशित किया।