गोंडा। हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग के साथ ही साइबर अपराध के कई मामले प्रकाश में आने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है। आईजी अमित पाठक ने बताया कि साइबर अपराध को लेकर हो रहे खुलासों की रिपोर्ट रेंज के चारों जिलों के पुलिस अधिकारियों से साझा की जाती है। यही नहीं, इसमें सामने आए हर तथ्य व बिंदु पर अपने जिले में भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
दरअसल, बीते दो माह के भीतर बलरामपुर में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए। कुछ मामलों में विदेश से नेटवर्क संचालित करने का मामला उजागर हुआ। 31 अगस्त को बलरामपुर पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। इनके माध्यम से 228 बैंक खातों के जरिए 146 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया। अब पुलिस अधिकारी रेंज स्तर पर एक-दूसरे को साइबर ठगों के क्रियाकलापों की रिपोर्ट साझा कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इसके माध्यम से गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती के पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने के साथ ही नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
फर्जी गेमिंग एप मामले में हाफिज अली की मु़श्किल बढ़ी
कन्नौज पुलिस ने फर्जी गेमिंग एप के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा किया है। इसमें अब तक 14 लोग पकड़े जा चुके हैं। कन्नौज पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड नवाबगंज के चक रसूल निवासी हाफिज अली है। उसने अपने एक रिश्तेदार के नाम से खाता खुलवाकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। कन्नौज पुलिस ने हाफिज अली की गिरफ्तारी के लिए गोंडा पुलिस से संपर्क किया है। स्थानीय पुलिस ने भी हाफिज अली की तलाश तेज कर दी है। हाफिज अली के खिलाफ जुलाई में ही धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज किया गया था। यही नहीं, हाफिज अली रेत के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारी हर बिंदु की जांच की बात कह रहे हैं। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय का कहना है कि कन्नौज पुलिस की मदद करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर दर्ज मुकदमे की छानबीन की जा रही है।