गोंडा। विधानसभा चुनाव में जिले की सातों सीटों पर जीत हासिल कर भाजपा ने मंडल ही नहीं आसपास के अन्य मंडलों में भी रिकार्ड बनाया है। मंडल के अन्य जिलों में सीटें हारी भी हैं, लेकिन जिले की सभी सीटों पर फतह हासिल की है। पिछड़े वर्ग के साथ ही अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं की भूमिका अहम थी। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नई सरकार में जिले से कम से कम दो मंत्री बलेंगे। मनकापुर से लगातार दूसरी बार जीते समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री एक बार फिर मंत्रीमंडल में स्थान बनाने में सफल हो सकते हैं। वह प्रदेश के अनुसूचित वर्ग के बड़े नेताओं में शामिल हैं। वहीं, कैसरगंज से गौरव वर्मा की हार से गौरा से दूसरी बार जीत हासिल करने वाले प्रभात वर्मा भी मंत्री बन सकते हैं।
मंडल के चारों जिलों में गोंडा इकलौता जिला है, जहां की सभी सीटों पर भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल किया है। इसमें सभी वर्गों के मतदाताओं की भूमिका तो है ही, लेकिन पिछड़े और अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं की एकजुटता ने राह काफी आसान की है। इससे जिले से दोनों वर्ग के विधायकों का प्रतिनिधित्व सरकार में होने के कयास लगाए जा रहे हैं। मनकापुर से जीते मंत्री रमापति शास्त्री का मंत्री बनने का रास्ता तो साफ ही दिख रहा है, लेकिन गौरा के विधायक प्रभात वर्मा की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। माना जा रहा है कि कैसरगंज से विधायक रहे मुकुट बिहारी वर्मा को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया था। इस बार उनके बेटे गौरव वर्मा चुनाव लड़े, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।
इसके बाद मंडल के उतरौला विधानसभा क्षेत्र से राम प्रताप वर्मा और गौरा के प्रभात वर्मा फिर से विधायक बने हैं। गौरा के विधायक प्रभात वर्मा की ज्यादा उम्मीद कई कारणों से जताई जा रही है। एक तो उनके विस क्षेत्र में छपिया का स्वामी नरायण मंदिर है, और इससे उनका गुजरात कनेक्शन भी है। वहीं गौरा में ही सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान सभा की थी। गौरा सीट जिले की एक ऐसी सीट थी, जहां त्रिकोणीय मुकाबला था और सपा ने पिछड़े वर्ग का प्रत्याशी उतार कर प्रभात वर्मा को घेरने की बड़ी तैयारी की थी। इसके बाद भी प्रभात वर्मा ने जीत हासिल की। उनका प्रभाव मेहनौन में भी देखने को मिला। जिले में ही मंडल के सभी जिलों में कुर्मी मतदाता बड़ी संख्या में हैं, ऐसे में प्रभात वर्मा की दावेदारी मजबूत दिख रही है। फिलहाल वह मंत्री की दौड़ से खुद को बाहर बता रहे हैं, लेकिन जिले में उनके मंत्री बनने की खासी चर्चा है।