परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों के लिए चलायी जा रही मिड-डे मील योजना का खाता एक बार फिर से ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित किया जाएगा। प्रधानों की मांग पर डीएम ने ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक का संयुक्त खाता खोले जाने का आदेश बीएसए को दिया है।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे नौनिहालों को दोपहर में भोजन उपलब्ध कराने के लिए मिड-डे मील योजना संचालित है।
इस योजना के संचालन के लिए ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक का संयुक्त खाता बैंक में खुलवाया गया था। इसी खाते में कनवर्जन कास्ट का पैसा विद्यालयों को भेजा जा रहा था, लेकिन पंचायत चुनाव के ठीक पहले इस खाते के संचालन से ग्राम प्रधानों को हटा दिया गया और इसके संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक को सौंप दी गयी थी।
खाता संचालन से हटाये जाने के बाद भी ग्राम प्रधान मिड-डे मील की खुशबू को भूल नहीं पा रहे थे, लेकिन पंचायत चुनाव के चलते प्रधानों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली थी।
पंचायत चुनाव के बाद ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर रणनीति बनायी। इसके बाद ग्राम प्रधान संघ के पदाधिकारियो ने जिलाधिकारी से मिलकर मिड-डे मील का खाता ग्राम प्रधानों व प्रधानाध्यापकों के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित कराने की मांग की थी।
ग्राम प्रधानों की मांग पर जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने मिड-डे मील खाते का संचालन ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित कराने का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया है।
उधर, डीएम का आदेश मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ग्राम प्रधानों व प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से मिड-डे मील का खाता संचालित कराने के निर्देश दिए हैं।
आदेश के मुताबिक खाता संचालन कोे लेकर विवाद होने की स्थिति में विद्यालय के प्रधानाध्यापक की सहमति के बिना खाते का संचालन नहीं बदला जा सकेगा।
यदि विद्यालय प्रबंध समिति के साथ मिड-डे मील का खाता सुचारू रूप से संचालित हो रहा है और प्रधानाध्यापक इससे संतुष्ट है तो वह प्रबंध समिति के साथ खाते का संचालन जारी रख सकता है।