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स्टोर में 294 की जगह सिर्फ 51 दवाएं, कैसे हो इलाज

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फोटो-11 गोंडा में जिला महिला अस्पताल का औषधि भंडारण कक्ष। संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। तमाम दावों के बाद भी जिला महिला अस्पताल में दवाओं व अन्य जरूरी संसाधनों की कमी दूर होने का नाम नहीं ले रही। बजट न होने के कारण महिला अस्पताल के औषधि स्टोर में मरीजों के लिए उपलब्ध होने वाली 294 जरूरी दवाओं की जगह मात्र 51 दवाओं का ही स्टॉक उपलब्ध है। जीवन रक्षक समेत अन्य 243 तरह की दवाओं का टोटा बीते काफी समय कायम बना है। वर्तमान में अस्पताल के ड्रग स्टोर में मौजूद मात्र 51 तरह की दवाओं के सहारे ही गर्भवती, प्रसूता व अन्य महिलाओं का इलाज डाक्टरों को करना पड़ रहा है।
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जिला महिला अस्पताल में जरूरी दवाओं के साथ ही सर्जिकल संसाधनों की कमी भी प्रसव के लिए आ रहीं प्रसूताओं का दर्द और बढ़ा रही है। मेडिकल स्टोर में सर्जरी के दौरान उपयोग में आने वाले सर्जिकल ग्लब्स, डिस्पोजेबल सिरिंज व दर्दनाशक इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं है। इसके चलते ही भर्ती होने वाले प्रसूता के तीमारदारों को इन्हें बाजार से खरीदकर लाना पड़ता है। यहां हर रोज 40 से 50 महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं इसमें ज्यादातर को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। इन महिलाओं को प्रसव के दौरान सर्जिकल ग्लब्स, सिरिंज, स्प्रिट व दर्द निवारक इंजेक्शन के साथ एनएस व डीएनएस लिक्विड की जरूरत पड़ती है। एनएस व डीएनएस लिक्विड शरीर में पानी की कमी को दूर करने के काम आता है। ऑपरेशन के बाद दर्द दूर करने के लिए प्रयोग में आने वाला फोर्टविन इंजेक्शन का स्टाक भी स्टोर में शून्य है। इससे मरीजों के तीमारदारों को इन्हें बाहर से खरीद कर लाने की परेशानी उठानी पड़ती है।
जिला महिला अस्पताल में इलाज के लिए 294 प्रकार की दवाओं की जरूरत होती है। बजट के अभाव में इनमें से स्टोर के स्टॉक में फिलहाल 51 प्रकार की दवाएं ही मौजूद हैं। दवाओं के लिए मेडिकल कारपोरेशन को कई बार डिमांड लेटर भेजा जा चुका है। दवाओं की सप्लाई सुनिश्चित कराने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को भी पत्र भेजा जाएगा। डॉ. अनिल मिश्र, अपर निदेशक स्वास्थ्य
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