फोटो -2- गोंडा के जिला अस्पताल में जर्जर भवन को तोड़ते मजदूर। संवाद
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गोंडा। जिले में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही उससे संबद्ध 500 बेड वाले आठ मंजिला अस्पताल भवन के निर्माण की तैयारियों ने भी तेजी पकड़ ली है। इसके लिए पुरुष जिला अस्पताल परिसर स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर व उसके आसपास के जर्जर भवनों को गिराया जा रहा है। अगले वर्ष तक इस आठ मंजिला अस्पताल भवन को तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है। शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध भवनों के निर्माण के लिए कुल 281.71 करोड़ की धनराशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है।
बीते साल सीएम योगी ने महाराजा देवी बख्श सिंह मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में बनने वाले 500 बेड वाले अस्पताल भवन का निर्माण कार्य भी अब तेजी पकड़ने लगा है। नए भवन के निर्माण स्थल के लिए परिसर स्थित पुराने एएनएम सेंटर व आसपास के अन्य दूसरे जर्जर भवनों को तोड़ा जा रहा है ताकि भवन का निर्माण समय से पूरा किया जा सके। मेडिकल कॉलेज के मुख्य व प्रशासनिक भवन का निर्माण सर्किट हाउस के सामने हो रहा है। लेकिन उससे संबद्ध अस्पताल का निर्माण वर्तमान जिला अस्पताल परिसर में होना है। मेेडिकल कॉलेज के मानक के अनुसार अस्पताल में कम से कम 500 बेड होने चाहिए। जिला अस्पताल में वर्तमान में 300 बेड है। इसलिए इसे मानक के अनुरूप न मानते हुए परिसर में ही अलग से 500 बेड का निर्माण कराया जाना है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा अस्पताल
आठ मंजिला यह अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाया जाएगा। इसमें पांच सौ बेड पर मरीजों का इलाज हो सकेगा। जिला अस्पताल के बाएं तरफ सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के लिए हॉस्टल भी बनाया जाएगा। अस्पताल परिसर के पीछे डॉरमेट्री व बिजली सब स्टेशन का निर्माण भी होगा ताकि 24 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक सुरेंद्र कुमार रावत ने बताया कि मुख्य तौर पर परिसर स्थित एएनएम सेंटर, पर्चा काउंटर, रैन बसेरा, डॉ. वीके गुप्ता के आवास व अन्य जर्जर भवन ढहाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के अस्पताल भवन निर्माण के लिए जिला अस्पताल परिसर के जर्जर भवनों को ढहाया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के श्रमिकों का आवास, बिजली कनेक्शन, बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है। देवेंद्र मणि, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग