गोंडा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सातों सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। तीन सीटों पर पहले ही प्रत्याशी तय किए थे, चार प्रत्याशियों की घोषणा बुधवार की देररात कर दी। इसके साथ ही अब सभी सीटों पर प्रत्याशी तय हो गए है। बसपा व भाजपा ने पहले ही सातों सीटों पर प्रत्याशी तय कर चुके हैं। अब सिर्फ सपा के चार सीटों पर प्रत्याशियों का इंतजार हो रहा है। पार्टी की ओर से नाम न तय किए जाने से संशय बना हुआ है।
कांग्रेस ने सातों सीटों में चार सीटों पर महिला प्रत्याशी तय किए हैं। सबसे कांग्रेस ने तीन विस सीटों पर महिला प्रत्याशी ही तय किए थे। जिसमें सदर से रमा कश्यप, मनकापुर से कमला सिसौदिया, तरबगंज से सविता पांडेय को प्रत्याशी बनाया था। बुधवार की देर रात जारी की गई सूची में कटरा बाजार से ताहिरा बेगम को प्रत्याशी बनाया है। चार सीटों पर महिलाओं को कांग्रेस ने अवसर दिया है। इसके अलावा करनैलगंज से त्रिलोकी नाथ तिवारी, गौरा से सतेंद्र धर द्विवेदी व मेहनौन से कुतुबुद्दीन खां उर्फ डायमंड को प्रत्याशी तय किया है। कांग्रेस ने लड़की हूं लड़ सकती हूं.. नारे पर अमल करते हुए 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की अपने घोषणा पर कायम दिखी। सात में चार सीटें टिकट देकर 50 फीसदी से अधिक सीट पर महिलाओं को अवसर दिया है।
आधी आबादी को अवसर देने में कांग्रेस अव्वल
जिले में पार्टियों की ओर से महिलाओं को टिकट देने में कांग्रेस अव्वल रही है। कांग्रेस ने सात में चार सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। वहीं बसपा ने सिर्फ एक सीट गौरा से महिला प्रत्याशी निगार उस्मानी को टिकट दिया है। सपा ने अभी तीन ही टिकट तय किए हैं, लेकिन चार जिन सीटों पर प्रत्याशी तय किए जाने में उसमें एक ही सीट से महिला को उम्मीदवार बनाने की उम्मीद हैं। मेहनौन से तीन महिलाएं ही दावेदार हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि एक सीट पर महिला को प्रत्याशी बना सकती है। भाजपा ने सात सीटों में किसी पर भी महिला प्रत्याशी नहीं उतारा है। आप ने भी पांच सीटों पर प्रत्याशी तय किए हैं, लेकिन एक भी सीट पर महिला प्रत्याशी नहीं बनाया है। ऐसे में कांग्रेस ने महिलाओं को अवसर देकर बड़ा दांव चला है।
जातीय समीकरण से मजबूत स्थिति बनाने की तैयारी
कांग्रेस ने टिकट बंटवारे में जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा है। सातों सीटों पर तय किए उम्मीदवारों में तीन सीटों पर ब्राह्मण, सुरक्षित सीट पर अनूसूचित वर्ग के साथ ही दो मुस्लिम और एक कश्यप समाज को टिकट दिया है। टिकट बंटवारे में पार्टी ने महिलाओं को आगे करने के साथ ही जातिय समीकरण साधने में पूरी सर्तकता बरती है। माना जा रहा है कि ब्राह्मण और मुस्लिमों के साथ ही पिछड़े व मुस्लिम समाज को प्रत्याशी तय किया है। कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि विस चुनाव में महिलाओं के साथ ही सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।