धानेपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस में जनसमस्याएं सुनतीं डीएम नेहा शर्मा। स्रोत: सूचना विभाग
गोंडा। धानेपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस पर शनिवार को डीएम के सामने दो सगी बहनों कुसुम लता व पुष्पा सिंह का दर्द छलक उठा। कहा कि मैडम! मुजेहना निवासी पिता की मौत हो चुकी है। ऐसे में बेटियां होने के बावजूद पट्टीदार कूटरचित दस्तावेजों के जरिए पिता की जमीन हड़पना चाह रहे हैं। इसी तरह से धानेपुर नगर पंचायत के बाजार बाग की रहने वाली अफसरुननिशा ने ससुराल में घरेलू हिंसा का दर्द बयां किया। डीएम ने सभी मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
थाना समाधान दिवस पर सुबह करीब 11:15 बजे डीएम नेहा शर्मा धानेपुर थाने पहुंचीं तो हड़कंप मच गया। मगर फरियादियों के आंखों में समस्या के समाधान की उम्मीद जग गई। स्थानीय निवासी जनार्दन पांडेय ने डीएम से कहा कि बाबागंज-इटियाथोक मार्ग पर दोनों तरफ झाड़ियां फैली हुई हैं। रुद्रगढ़नौसी में मॉडल गोशाला होने के बावजूद प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम नहीं हो सका। ऐसे में डीएम ने तत्काल अधिकारियों को फोन लगा दिया। साथ ही तीन दिन में सड़क के दोनों तरफ पटरियों व झाड़ियां साफ-सफाई के साथ ही गोशाला में समुचित प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसी तरह डेबरी कला के वैशपुरवा निवासी अर्जुन सिंह ने खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की तो डीएम ने राजस्व कर्मियों को गंभीरता से निस्तारण की नसीहत दी। कहा कि तालाब व चकरोड पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले लेखपाल व राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
करीब 12 बजे एसपी विनीत जायसवाल ने कटरा बाजार थाना समाधान दिवस में पहुंचे तो पुलिसकर्मी चौकन्ना हो गए। क्षेत्र के भैरमपुर निवासी ऐस मोहम्मद ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में कहा कि घर के पास ग्रामसभा की परती जमीन है। जिस पर गांव के ही लोग अवैध कब्जा कर रहे थे। हल्का लेखपाल ने कब्जा खाली करने का निर्देश दिया मगर जमीन खाली नहीं हुई। एसपी ने राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।
नगर कोतवाली, देहात कोतवाली, खरगूपुर, छपिया, खोड़ारे, मनकापुर, तरबगंज, करनैलगंज, धानेपुर, मोतीगंज, नवाबगंज समेत जिले के सभी 17 थानों में सुबह 10 बजे से दो बजे तक पुलिस व राजस्वकर्मियों के माध्यम से समस्या समाधान कराने के दावे किए गए। इस दौरान सभी थानों को मिलाकर 203 प्रार्थनापत्र आए। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मामले भूमि विवाद से जुड़े हैं। ऐसे में संयुक्त टीम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाएगा।