फोटो-18 गोंडा के दीवानी कचेहरी मे आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के काउंटर पर उपस्थित वादकारी। (संवाद)
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गोंडा। दीवानी कचहरी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने की। इस मौके पर नोडल अधिकारी डॉ. दीनानाथ की उपस्थिति में लंबित व प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में से 23177 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसमें न्यायिक अधिकारियों ने कुल 3780 मामले निपटाए। 1859640 रुपये अर्थदंड के रुप में वसूल किया गया।
लोक अदालत की जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने 23 वाद एवं अर्थदंड 1000, द्वितीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मीता कुमारी ने 05 वाद एवं अर्थदंड 2500, तृतीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका चौहान ने एक वाद, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मो. नियाज अहमद ने 70 वाद एवं अर्थदंड 75000 रुपये, पंचम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश राज बहादुर रामदेव यादव ने एक वाद, सप्तम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. दीनानाथ ने 06 वाद एवं अर्थदंड तीन हजार व मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी डॉ. अनुपमा गोपाल निगम ने 60 वादों का निस्तारण कर 2 करोड़ 10 लाख 99 हजार 105 रुपये की प्रतिकर राशि तय की।
इसी तरह प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कुमारी आफसा ने 13 वाद, द्वितीय अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैली राय ने 19, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चिर कुमारित्या ने 1565 वाद एवं 1083700 रुपये अर्थदंड, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रेलवे विवेक कुमार सिंह ने 306 वाद एवं 115990 रुपये अर्थदंड, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुषमा ने 885 वाद निस्तारित कर 532150 रुपये अर्थदंड, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनुपम शौर्य ने 22 वाद निस्तारित करते हुए पत्र जारी किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन काव्या सिंह ने 16 वाद निस्तारित कर 2893910 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 23177 मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें 1859640 रुपये अर्थदंड के रुप में वसूल किया गया। सचिव ने बताया कि स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष महंथ लाल ने छह वाद व जिले के समस्त विभागों के प्रीलिटिगेशन के माध्यम से कुल 17107 मामलों का निस्तारण करते हुए छह करोड़ 23 लाख दो हजार चार सौ इक्कीस रुपये की समझौता राशि तय की है।