गोंडा। निजीकरण के खिलाफ गामीण बैंक के कर्मचारियों व अधिकारियों ने गोंडा बलरामपुर की 84 शाखाओं में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। मांगों से संबंधित ज्ञापन रीजनल महाप्रबंधक को सौंपा और राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक के गठन की मांग उठाई। बैंकों के बंद होने से करोड़ों रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ। इसी बैंक में शिक्षकों का वेतन, बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई विभाग के खाते संचालित हैं।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक इंपलाइज यूनियन, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक आफीसर्स एसोसिएशन एवं प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को सभी 87 बैंक शाखाओं में 84 शाखाओं में तालाबंदी कर क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
कर्मचारियों व अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण बैंकों में प्रायोजक बैंकों के पक्ष में भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत शेयर का विनिवेश किया जा रहा है जो निजीकरण की ओर बढ़ता कदम है।
सभी ने प्रायोजक बैंकों से हटाकर भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक का गठन किए जाने, प्रायोजक बैंकों की भांति भर्ती व पदोन्नति का अधिकार देने सहित विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन क्षेत्रीय महाप्रबंधक को सौंपा।
इस दौरान ओपी तिवारी, सुधीर कुमार शुक्ला, कृष्ण कुमार पांडेय, घनश्याम, एसबी सिंह, मनीष पांडेय, दीपांकर सिंह, भानु प्रताप सिंह, सुरेश चंद्र घनश्याम, बालक राम, विनोद पाल सहित तमाम कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे।