गोंडा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला जज के निर्देश पर गुरुवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जिले के 200 गांवों में विधिक शिविर लगाया गया। इसमें आम लोगों को कानूनी सलाह दी गई और कानून की सहायता प्राप्त करने के तरीके बताए गए।
कृष्ण प्रताप सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि गोंडा के लगभग 200 गांवों को कवर किया गया। इस जनसंपर्क अभियान में लोगों को विधिक सेवा/सहायता गतिविधियां, लोक अदालत, विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजना तथा राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान की गयी।
वर्तमान दौर में महिलाओं को समाज में समान अधिकार, समान वेतन पाने का अधिकार, नारी सशक्तिकरण के लिए विभिन्न विधिक प्रावधानों पर चर्चा करते हुए महिलाओं का उत्पीड़न न करने, संपत्ति का अधिकार, गरिमामय जीवन जीने का अधिकार, अपराध से पीड़ित महिलाओं का नाम उजागर न करने का अधिकार, घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार एवं मातृत्व संबंधी अधिकार आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया।
महिलाओं एवं बालिकाओं से सम्बन्धित कानूनों यथा घरेलू हिंसा भरण पोषण आदि आदि की विधिवत जानकारी दी गयी। वरिष्ठ नागरिकों से सम्बन्धित कानूनों के बारे में जानकारी देते हुये वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना, मुकदमों में त्वरित कार्यवाही, टैक्स में छूट एवं नि:शुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया गया।
तहसील स्तर पर राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण, दुघर्टना बीमा योजना, फसल बीमा योजना, बाढ़ पीड़ितों को सहायता राषि प्रदान करने के बावत जानकारी देते हुये उपस्थित नागरिकों को बताया गया जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के संबंध में विधिक सेवा/सहायता गतिविधियों के आयोजन व व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए टीमों का गठन किया गया है।