गोंडा। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग 300 बेड का नया अस्पताल जो कि निर्माणाधीन है, उसमें कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया था। जिससे कोरोना से संक्रमित मरीजों का इलाज यहां किया जा सके। बीते लगभग दो महीने से इस अस्पताल का शुभारंभ लटका हुआ था। लेकिन अब पूरी बिल्डिंग लगभग तैयार हो चुकी है। 300 बेड के इस नये अस्पताल में 140 बेड विशेष तौर पर कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। अब यहां अस्पताल में मानव संसाधन पर काम किया जा रहा है। जल्द ही अस्पताल अपना काम करना शुरू कर देगा।
बता दें कि लगभग 32 करोड़ की लागत से साल भर पहले ही नये अस्पताल का भवन तैयार हो चुका था। कोविड-19 का संक्रमण काल शुरू होने पर टाटा की ओर यहां कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया। जिस पर शासन की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू हो गया। यहां लगभग 140 बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया है। बेड सहित अस्पताल में जो भी उपकरण होंगे वो टाटा की ओर उपलब्ध कराये जायेंगे। बताया जा रहा है कि अस्पताल में उपयोग होने वाले सभी अत्याधुनिक उपकरण लग चुके हैं।
अस्पताल के हैंडओवर का पेंच
बिल्डिंग का काम पूरा होने और टाटा की ओर से नया कोविड अस्पताल बनाने की कवायद शुरू होने के बाद भी नये भवन के हैंडओवर का पेंच फंसा हुआ है। इस बारे में जब सीएमएस डॉ. अरुण लाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी बिल्डिंग में कुछ शर्तों के मुताबिक कार्य नहीं कराये गये हैं जिससे हैंडओवर प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि इसके चलते किसी का इलाज प्रभावित नहीं होगा। जल्द ही अस्पताल शुरू हो जायेगा।
नोएडा में सीएम ने लिया था गोंडा का नाम
नोएडा में कोविड अस्पताल के शुभारंभ के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोंडा का नाम भी लिया था। उन्होंने कहा था कि 10 दिन में ऐसा अस्पताल गोंडा में कोरोना संक्रमित की सेवा में शुरू हो जायेगा। जिससे लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा।
अधीक्षक की तैनाती हुई
300 बेड के इस नये अस्पताल के सीएमएस तो डॉ. अरुण लाल ही होंगे लेकिन अधीक्षक के पद की जिम्मेदारी डॉ. दीपक कुमार को दी गई है। बता दें कि वो जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ के तौर तैनात हैं। जल्द ही अस्पताल के नये स्टाफ की तैनाती की भी कवायद चल रही है।
15 वेंटिलेटर वाले बेड होंगे
कुल 140 बेड का कोविड अस्पताल जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में बनेगा। इसमें से 15 वेंटिलेटर युक्त होंगे। जिससे गंभीर मरीजों को जीवन रक्षा प्रणाली की सुविधा भी मिल सकेगी। इससे कोरोना के मरीजों की जान को होने वाले जोखिम से भी बचाया जा सकेगा।
वेंटिलेटर की भी होगी सुविधा
300 बेड के नये अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शासन की कोरोना संक्रमण को देखते हुए विशेष तौर अस्पताल पर फोकस किया गया है। इस अस्पताल में कोरोना संक्रमित जो भी सिम्टोमेटिक होंगे उनका इलाज किया जायेगा। वेंटिलेटर की सुविधा से लैस कोरोना के इलाज के लिए अलग से व्यवस्था होगी। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी