गोंडा। कोविड संक्रमण के चलते आगामी 9 सितंबर को पड़ रही हरतालिका कजरी तीज पर इस वर्ष भी शिवालयों में जलाभिषेक नहीं होगा। डीएम की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर व दुखहरणनाथ मंदिर के महंत व जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों के महंतों के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें सर्वसम्मति से कजरी तीज पर पर जिले के समस्त शिवालयों पर जलाभिषेक पूरी तरह प्रतिबंधित रखने का निर्णय लिया गया।
पृथ्वी नाथ मंदिर व दुखहरण नाथ मंदिर के महंत ने अपील करते हुए कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की प्रबल आशंका सितंबर व अक्टूबर माह में व्यक्त की गई है, तथा तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है।
कोरोना के केस भी बढ़ रहे हैं, ऐसे ने जनहित को ध्यान में रखते हुए वर्ष की भांति इस वर्ष भी कजरीतीज के पर शिवालय पूरी तरह से बंद रहेेंगे, तथा किसी भी दशा में जलाभिषेक नहीं होगा। उन्होंनें श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने-अपने घरों में रहकर पूजा-अर्चना करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने एसडीएम व सीओ करनैलगंज को निर्देशित किया कि वे करनैलगंज कटरा घाट पर बैरीकेटिंग लगाकर घाट पर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दें।
श्रद्धालुओं को इस बारे में बताएं कि कोविड-19 संक्रमण के चलते इस वर्ष मन्दिरों में जलाभिषेक नहीं होगा। घाट से जल नहीं लेने दिया जाएगा। पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जिले के सभी एंट्री प्वाइंट पर बैरिकेडिंग लगाएं तथा जलाभिषेक के लिए जल लेने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को वापस भेंजे।
उन्होंने एएसपी को निर्देशित किया कि जनपद की सीमावर्ती जनपदों के पुलिस थानों को भी इस बारे में सूचना दे दें, जलाभिषेक न होने की सूचना से बाहर के जनपदों के श्रद्धालु अवगत हो सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी थानों व प्रमुख स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से भी शिवालयों मेें जलाज्ञिभषेक न होने की सूचना का बार-बार प्रसारण कराते रहें ताकि श्रद्धालुओं को समय रहते इसकी जानकारी मिल सके।
लेखपालों व पंचायत सचिवों के माध्यम से ग्राम प्रधानों को इस बारे में मेसेज कराया जाय कि इस बार भी कोविड संक्रमण के कारण कजरी तीज के अवसर पर जलाभिषेक नहीं होगा। ग्राम प्रधानों से भी अपील की है कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में यह संदेश जनहित में ज्यादा से ज्यादा से प्रसारित करें कि कजरी तीज पर्व के अवसर पर मंदिरों में जलाभिषेक नहीं होगा, तथा श्रद्धालु अपने-अपने घरों में रहकर पूजा-अर्चना करें।