गोंडा। वरासत के मामलों में विवाद की स्थिति न होने पर भी निस्तारित न करने पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। 15 गांवों के लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को 12 घंटे की मोहलत दी। सभी को 12 घंटे में वरासत करके तहसील में रिपोर्ट करनी है। डीएम खुद मामले की निगरानी कर रही हैं।
डीएम ने बताया कि निर्धारित समयसीमा पूर्ण हो चुकी है, लेकिन अभी तक यह मामले लेखपाल या राजस्व निरीक्षकों के स्तर पर लंबित हैं। इनमें उत्तराधिकार को लेकर कोई विवाद भी नहीं है। इन प्रकरणों का निस्तारण न होना उचित नहीं है। एक मौका देते हुए चेताया कि भविष्य में जिस भी स्तर पर ऐसी अनदेखी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध प्रतिकूल कार्रवाई होगी। इसके साथ ही अन्य अविवादित प्रकरणों को 15 दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
तरबगंज और सदर तहसील में अविवादित वरासत के प्रकरण लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों के स्तर पर लंबित मिले हैं। इनमें तरबगंज में ग्राम करनीपुर, कोडर, कौचिहा, जगदीशपुर कटरा, दुर्जनपुर घाट, देवरहा, गौहानी, नगवा, बहादुरा, पूरेडाढू और सोहना तथा सदर तहसील के तेंदुआ चौखड़िया, विशुनपुर बेलभरिया, बभनी सराय और लाल नगर ग्राम में प्रकरण लंबित हैं।