गोंडा। करनैलगंज के सरयू घाट पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा भक्त ज्ञान यज्ञ में गत दिवस आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण व रुक्मणी के विवाह का रोचक प्रसंग एवं जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई।
कथावाचक आचार्य रसराज मृदुल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए गीता के उपदेशों को बखान किया। आचार्य ने कहा कि भारत देश की महिलाओं का दुनिया में सबसे अधिक सम्मान है।
जहां पति अपनी पत्नी को धर्म पत्नी मानता है और पत्नी अपने पति को पति परमेश्वर का स्थान देती है। यह सम्मान दुनिया के किसी देश में नही है। माता तुलसी व शालिगराम विवाह एवं रुक्मणी विवाह के मौके पर इस भागवत कथा में आए करीब हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने घराती व बाराती बनकर जबरदस्त तरीके से जीवंत वैवाहिक कार्यक्रम का रूप दे दिया।
इस कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु एवं कथा के श्रोता उपस्थित थे। दूरदराज क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के वाहनों का काफिला सरयू घाट पहुंचा था। इस मौके पर संतोष कुमार जायसवाल, प्रकाश जायसवाल, राजेश कुमार सिंह, महंत गिरिजा शंकर गिरी, महंत सुनील पूरी, पिंटू बाबा, आशीष गोस्वामी, पवन गुप्ता व महेश गुप्ता आदि सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।