गोंडा। शारदीय नवरात्र में विभिन्न पंडालों में विराजने वाली दुर्गा प्रतिमाओं को पूजन अर्चन व जयकारों संग विदाई दी गई। शुक्रवार को पूरे जिले में हर्षोल्लास व जयकारों के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शनिवार को करनैलगंज तहसील का प्रतिमाएं विर्सजित हुईं।
माता के जयकारों के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए लोग नाचते-गाते चल रहे थे। जगह-जगह दुर्गा मां की प्रतिमाओं की आरती की गई। शहर की प्रतिमाएं सगरा तालाब, खैरा भवानी मंदिर के पास बने सरोवर में किया गया। वहीं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिमाएं स्थानीय नदियों व सरोवरों में विसर्जित की गई। करनैलगंज की प्रतिमा सरयू नदी में विसर्जित की गई।
इटियाथोक थाना क्षेत्र की इटियाथोक की 31 दुर्गा प्रतिमाएं व 6 कलश का देर शाम विसुही नदी में विसर्जित की गई। इसकी तैयारी प्रशासन ने सुबह से शुरू कर दी थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि क्षेत्र के सभी विसर्जन स्थलों पर रोशनी व सफाई के इंतजाम किए गए हैं।
विसर्जन स्थल पर पंचायत कर्मी, सुरक्षा के लिए पुलिस व होमगार्ड के जवान मौजूद रहे। रोशनी के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। खरगूपुर: थाना क्षेत्र खरगूपुर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित 48 दुर्गा प्रतिमाओं में से 22 का विसर्जन शुक्रवार को किया गया। वहीं 26 अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार को हुआ।
कमड़ावा, देवतहा, अचलनगर, जानकीनगर, केवलपुर, महराजगंज सहित 22 स्थानों की मूर्तियों का विसर्जन शुक्रवार को शिवगढ़ पोखरा, बिकवा घाट, विसुही नदी में किया गया। वहीं 26 अन्य मूर्तियों का विसर्जन शनिवार को प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ मंदिर परिसर स्थित पोखरा, विसुही नदी भयापुरवा सहित अन्य स्थानों पर किया गया।
प्रभारी निरीक्षक शतानन्द पांडेय ने बताया कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में उपनिरीक्षक के साथ महिला एवं पुरुष आरक्षियों को तैनात किया गया था।
मसकनवा छपिया क्षेत्र में कुल 151 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी जिसमें शुक्रवार को सिंगारघाट, पिपरही, दीननगर, बभनान सहित दो दर्जन स्थानों पर 125 प्रतिमाओं का विर्सजन हुआ तथा शनिवार को 26 प्रतिमाओं को जलाशयों में विसर्जित किया गया।