गोंडा। संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को देखते हुए शनिवार को पुलिस ने किसान संगठनों के नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया। सभी किसान नेताओं के घरों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजन समिति के सदस्य महेश सिंह के बेटे एवं जिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता सभा समाजवादी पार्टी एडवोकेट सुनील प्रताप सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का एलान किया था। जिसकी तैयारी की गई थी।
आरोप है कि पुलिस उनके घर पर शुक्रवार की रात आ धमकी और घर पर शस्त्रधारी सिपाहियों का पहरा बिठा दिया गया। जिससे उनके पिता विरोध प्रदर्शन के लिए घर से बाहर नहीं जा सके। साथ ही किसान सभा, किसान यूनियन, खेत मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों को घर पर नजरबंद कर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।
उप्र किसान सभा के जिला संयोजक राजीव कुमार को जिला मुख्यालय की पुलिस, उप्र खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक केपी पांडेय, किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष दीपक जनवादी को छपिया पुलिस ने शनिवार सुबह ही घर पर नजर बंद कर दिया है।
पुलिस ने घर से बाहर न निकलने की चेतावनी भी दी है। किसान सभा के जिला संयोजक राजीव कुमार व किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष दीपक जनवादी ने बताया कि मौजूदा भाजपा सरकार पूरी तरह से तानाशाही रवैया अपना रही है।
लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन को रोकना यह साबित करता है कि सरकार किसानों, मजदूरों के हितों को लेकर आंदोलन करने वालों का मनोबल तोड़ने का कार्य कर रही है, लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं होंगी।