जिले में दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। बुधवार को पूरे दिन चलीं बर्फीली हवाओं ने मौसम में गलन बढ़ा दी है। इन हवाओं के असर व शीतलहर से बचने के लिए गुरुवार को लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
घने कोहरे व शीतलहर के कारण लोगों को घर से निकले में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन बर्फीली हवाओं के कारण गुरुवार को जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकलने पर लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन कुछ ही समय के बाद शाम होते-होते धरती को घने कोहरे की चादर ने ढक लिया। इस शीतलहर के बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे।
शीतलहर का सबसे अधिक असर परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। निजी स्कूलों के बच्चों के पास तो ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े व अन्य संसाधन मौजूद हैं, लेकिन परिषदीय स्कूलों के बच्चों को जरूरी संसाधनों के अभाव के बावजूद स्कूल जाना पड़ रहा है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चों के पास ठंड से बचने के लिए न तो गर्म कपड़े हैं और न ही पैरों में पहनने के लिए जूते हैं। ऐसे में इन स्कूलों के नौनिहाल बिना जूतों के नंगे पैर स्कूल जाने को विवश हैं। इस कड़ाके की ठंड के कारण कहीं शिक्षक नहीं पहुंच रहे है तो कहीं स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी घट रही है।
जिला प्रशासन की तरफ से परिषदीय स्कूलों छुट्टी नहीं घोषित की गई है। इसका खामियाजा इन स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है। बच्चों की परेशानियों को देखते हुए गुरुवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रचार मंत्री अफसर हसन ने स्कूलों में छ्ुट्टी किए जाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।