मोतीगंज थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम खेत में टूटकर गिरी बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की जान चली गई। बताया जाता है कि हादसा उस वक्त हुआ, जब युवक घर से शौच के लिए निकला था। पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पावर कॉरपोरेशन के एसडीओ दिव्यरंजन ने मामले की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय से कराने की बात कही है।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के विद्यानगर गांव में रहने वाला राजेश (25) बुधवार देर शाम घर से शौच के लिए निकला था। रात करीब नौ बजे गांव के पश्चिमी छोर पर एक खेत में जैसे ही वह गया कि वहां पहले से टूटकर गिरी मोतीगंज 11 केवी फीडर की एचटी लाइन पर उसका पैर पड़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
उधर, काफी देर बाद जब राजेश खेत से लौटकर घर नहीं पहुंचा तो परिवारीजन उसकी खोजबीन में जुट गए। जैसे ही वह खेत की तरफ पहुंचे कि उनके होश उड़ गए। राजेश की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो चुकी थी।
मोतीगंज एसओ डीपी सिंह ने बताया कि राजेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, मामले में मनकापुर के उपखंड अधिकारी दिव्यरंजन का कहना है कि वह इस प्रकरण की जांच के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय को पत्र लिख चुके हैं। मामले की जांच के बाद पीड़ित परिवार हर प्रकार की अहेतुक मदद मुहैया कराई जाएगी।
विद्यानगर गांव की जमीनी हकीकत पर अगर गौर करें तो यहां के एक तिहाई लोगों को रोजाना शौच के लिए बाहर ही जाना पड़ता है। गांव में 150 घरों के सापेक्ष केवल 50 शौचालय ही बने हुए हैं। ग्राम प्रधान बृजेश बहादुर उर्फ दादू सिंह का कहना है कि शौचालय के लिए राजेश के नाम का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन ऊपर से सिर्फ 29 लोगों के ही शौचालय पास हुए। बाकी के प्रस्ताव डंप चल रहे हैं। अगर विद्यानगर के घर में शौचालय होता तो शायद राजेश की भी जान न जाती।