गोंडा। हत्या के इरादे से विवाहित महिला के अपहरण मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। दोषी पति और ससुर को 10 साल के कारावास की सजा और 53 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
कटरा बाजार के ग्राम सरैंया के मजरे गब्जी पुरवा निवासी दूलमदास ने देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी को प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया कि उन्होंने अपनी बेटी बीनू की शादी ग्राम बनगांव बरईन पुरवा निवासी गिरधारी लाल के पुत्र दीपनरायन के साथ की थी। ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे तो बीनू ने केस दर्ज कराया था। इससे नाराज दीपनरायन बेटी को उठा ले जाने की धमकी देने लगा। 15 अक्तूबर 2011 को रात में 12 बजे दीपनरायन, उसके पिता गिरधारी लाल अपने सहयोगी राम अचल और वीरपुर कटरा निवासी ननकू मिस्त्री के साथ जीप से आए। सभी आरोपी बीनू को जबरन जीप में बैठाकर अगवा कर ले गए।
डीआईजी के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और पुख्ता सबूत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। ट्रायल में साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने दीपनरायन व गिरधारी लाल को दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को दंडित किया। इसी मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम की अदालत से पांच दिसंबर 2014 को राम अचल व ननकू मिस्त्री को सजा हो चुकी है।