गोंडा। मसकनवा विद्युत उपकेंद्र की जमीन के कथित बैनामे के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। एसडीएम मनकापुर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि डीएम के स्तर से उनकी अगुवाई में पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन और उपनिबंधक मनकापुर की जांच टीम गठित की गई है।
एसडीएम ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने जमीन के अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा है। इसके बाद जांच शुरू की जाएगी। वहीं, छपिया इंस्पेक्टर बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी का कहना है कि मामले में अवर अभियंता की ओर से तहरीर दी गई थी। जांच चल रही है। चूंकि बैनामा मनकापुर तहसील में हुआ है। ऐसे में अगर फर्जीवाड़े की बात सामने आती है तो मनकापुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि वर्ष 1979 में विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया गया। इसके बाद से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। मगर पिछले दिनों कुछ लोगों ने विद्युत उपकेंद्र की भूमि का बैनामा कराकर खाली कराने का प्रयास शुरू कर दिया। मुख्य अभियंता ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि हड़पने की कोशिश के मामले में पुलिस ने अब तक रिपोर्ट तक नहीं दर्ज की। जांच व कार्रवाई की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से विद्युत उपकेंद्र संचालित हो रहा है। वहां पर आवास भी बने हैं। अब इससे बड़ा प्रमाण क्या दिया जाए।
पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को भेजा नोटिस
मामले में भाजपा नेता पीयूष मिश्र ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुख्य अभियंता समेत पावर कॉर्पोरेशन के अन्य अधिकारियों को नोटिस भेजा है। छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उनके पास संबंधित जमीन के मालिकाना हक के तौर पर कोई भी दस्तावेज है तो उपलब्ध कराएं। ऐसा न करने पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप में आपराधिक वाद करने की बात कही है।