गोंडा। जिला अस्पताल में गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला बेड पर दर्द से तड़पती रही। वहीं, ड्यूटी कक्ष में बैठे स्टाफ नर्स व कर्मचारी हंसी ठिठोली करते रहे। कोरोना संक्रमण के बाद जिले में गंभीर बीमारियों की भरमार हो गई है। हर रोज सैकड़ों मरीज अपनी बीमारी का इलाज कराने जिला अस्पताल आते हैं। लेकिन जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं व स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार से उनका दर्द और भी बढ़ जाता है।
अस्पताल के वार्ड में मरीज दर्द से तड़फता रहता, तीमारदार कर्मचारियों से इलाज शुरू करने के लिए गिड़गिड़ाते रहते, लेकिन जिम्मेदारों का दिल नहीं पसीजता। रविवार को गंभीर हालत में एक महिला को जिला अस्पताल के मेडिकल महिला वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन आधा घंटा बीतने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मी मरीज को देखने नहीं आया। मामले की जानकारी होने पर प्रमुख अधीक्षक के पहुंचने पर नर्सों ने आनन-फानन में इलाज शुरू किया। रविवार को जिला अस्पताल में लापरवाही के कई मामले सामने आए। उधरना निवासी प्रमिला को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में लाया गया, जहां डॉक्टर जितेंद्र मिश्र ने मरीज को देखकर गंभीर बताते हुए तुरंत भर्ती करने की सलाह दी। मरीज का ब्लेड प्रेशर बढ़ा होने से उलझन में तड़प रही थी। तीमारदारों ने महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया, लेकिन करीब आधा घंटा बीतने के बाद भी अस्पताल का कोई कर्मचारी मरीज को देखने तक नहीं आया।
तीमारदार हर्षित ने बताया कि उन्होंने ड्यूटी कक्ष में बैठी नर्सों से इलाज शुरू करने की विनती की लेकिन चलो आते हैं कहकर टरका दिया। प्रमुख अधीक्षक डॉ घनश्याम सिंह को लापरवाही की सूचना मिलने पर वह खुद पहुंचकर महिला का इलाज शुरू कराया। अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को खुद दवा व इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। मेडिकल वार्ड में कई मरीजों के तीमारदार हाथ का पंखा झलते दिखाई पड़े।
चद्दर बदलवाना हो तो निजी अस्पताल में करवाओ इलाज
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने ड्यूटी वार्ड में बैठी स्टाफ नर्स से चद्दर बदलने की बात कही तो नर्स ने मजाक बनाते हुए कहा कि यहां किसी तरह इलाज करवा लो बड़ी बात चद्दर बदलवाना हो तो किसी निजी अस्पताल में इलाज करवाओ। जबकि उस बेड पर पहले से भर्ती मरीज के चद्दर पर ही नए मरीज को भर्ती करा दिया गया था। जिस पर तीमारदारों ने पुराने चद्दर हटाकर बेडसीट बदलने की मांग की थी।
वायरल के मरीजों से भरा अस्पताल
कोरोना के बाद मौसमी वायरल ने पांव पसार लिए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में है। चिकित्सकों ने वायरल से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। वायरल बुखार बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को अपनी चपेट में ले रहा है। फिजीशियन डॉ समीर गुप्ता का कहना का कहना है कि यह वायरल अजीब तरह का है। इसमें तेजी से बुखार बढ़ता है और पैरासिटामोल की गोली देने पर तेजी से उतर जाता है। पहले दवा देने पर धीरे-धीरे उतरता था। इस समय हर घर में वायरल मरीज है। लापरवाही बरतने पर यह टाइफाइड में तब्दील हो रहा है। ब्लड की जांच में इसका पता चलता है।
- जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी है जिससे थोड़ी सी समस्या आ रही है। लेकिन हम खुद व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। किसी भी शिकायत पर निस्तारण किया जाता है। सभी वार्डों की राउंड कर निगरानी की जाती है।
डॉ. घनश्याम सिंह, प्रमुख अधीक्षक
12द्दस्रड्डश्च2-गोंडा के जिला अस्पताल में खुद चद्दर हटाता तीमारदार।- फोटो : GONDA