गोंडा। मनकापुर गुरुद्वारा पर अवैध कब्जेदारी के चर्चित मामले में न्यायालय ने दो महिलाओं समेत पांच के खिलाफ दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारी के पर्यवेक्षण में निष्पक्ष विवेचना कराने का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है।
आरोपी अमरजीत सिंह, स्वर्णपाल सिंह, गिन्नी उर्फ शरजीत कौर, सुरेंद्र कौर व मनजीत उर्फ सिंपी ने गिरफ्तारी पर रोक और एफआईआर रद्द करने को लेकर उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रिशद मुर्तजा व गनेश कुमार गुप्ता ने बहस की। सुनवाई के बाद जस्टिस राजन राय व नरेंद्र कुमार जौहरी की डिवीजन बेंच ने पर्याप्त साक्ष्य के बिना आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को एक माह के अंदर विवेचक के समक्ष बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है। वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष विवेचना कराने का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है।
ये है मामला
मनकापुर के भगत सिंह नगर निवासी कुलवंत कौर ने सात अक्तूबर 2023 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि अमरजीत सिंह उर्फ गुलशन, स्वर्णपाल सिंह, गिन्नी उर्फ शरणजीत कौर, सुरेंद्र कौर व मनजीत उर्फ रिंपी ने उसके मकान का ताला तोड़कर दूसरा ताला लगा लिया। अलमारी में रखे पचास हजार रुपये व कुछ जेवरात गायब कर दिया। बलवा करते हुए गले से चेन छीन ली। कोतवाली और एसपी कार्यालय पर सुनवाई नहीं हुई तो अदालत की शरण नर। पांच फरवरी 2024 को कोर्ट ने मनकापुर कोतवाली पुलिस को पांचों आरोपियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। नौ फरवरी को आरोपी अमरजीत सिंह, स्वर्णपाल सिंह, गिन्नी उर्फ शरणजीत कौर, सुरेंद्र कौर व मनजीत के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है।
सांसद समेत 12 के खिलाफ दर्ज है डकैती का केस
एसीजेएम प्रथम के आदेश पर दर्ज केस के आरोपी अमरजीत सिंह व स्वर्णपाल सिंह, की मां गुरबचन कौर ने भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह, कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह, निरीक्षक क्राइम ब्रांच अरुण कुमार राय समेत 12 लोगों के खिलाफ डकैती केस दर्ज कराया था। 18 जनवरी 2024 को विशेष न्यायालय एमपी-एमएलए के आदेश पर मनकापुर कोतवाली में सांसद समेत अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में दो पुलिस निरीक्षकों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए तत्काल जिला बदर करने के आदेश दिए थे।