गोंडा। सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मुख्यमंत्री आरोग्य मेला अब अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया है। न अधिकारी रुचि ले रहे हैं और न डॉक्टर। हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले आरोग्य मेला खाना पूर्ति तक समिति है।
जिले के 52 स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जाना था, अधिकांश केंद्रों पर मेला औपचारिकताओं में निपटा दिया गया। किसी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं पहुंच रहे तो कहीं समय से पहले बंद कर दिया जा रहा है। ऐसे में जिस उद्देश्य को लेकर शासन ने इसका संचालन शुरू किया था वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। डॉक्टरों के रुचि न लेने से मरीज भी स्वास्थ्य मेंला में नही पहुंच रहे हैं।
सीएचसी छपिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मसकनवां में लगे स्वास्थ्य मेले में सन्नाटा छाया रहा। सीएचसी इटियाथोक, रुपईडीह, नवाबगंज व करनैलगंज के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर ही नहीं पहुंचे। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दोपहर एक बजे ही मेले का समापन कर दिया गया। स्वास्थ्य मेले के तहत लोगों को अपने करीब स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैय्या कराने का सरकारी दावा खोखला साबित हो रहा है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेले को लेकर जिम्मेदार अफसर कतई गंभीर नहीं हैं। रविवार को आयोजित होने वाले आरोग्य मेले में आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग के डॉक्टर प्रतिभाग नहीं कर रहे हैं।
आरोग्य मेला महज औपचारिकता बन कर रह गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों के साथ आरोग्य मेला में क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सक व वार्ड ब्वाय की ड्यूटी लगा रखी है, लेकिन डाक्टर मेले में पहुंचने के लिए तैयार नहीं है।
पीएचसी पूरेबहोरी में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में आए 31 मरीजों का विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा उपचार किया गया। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूरेबहोरी पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। गांव के आस-पास लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
स्वास्थ्य मेले में विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती की गई थी, जिससे कि मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, शुगर, ब्लड प्रेशर सहित सभी बीमारियों का उपचार आसानी से लोगों को मिल सके। दोपहर 3 बजे तक 31 से ज्यादा मरीजों का उपचार किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित किया गया। स्वास्थ्य मेले में डॉ. औसाब लारी व डा.ओपी यादव फार्मस्सिट बिन्दु ओझा, अल्खबहादुर सिंह व कोविड़ की जांच के लिए प्रमोद सिंह ने मरीजों की जांच कर दवाएं दी।