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नालियां चोक सड़क पर कचरा, शहर में बढ़ रहा डेंगू का खतरा

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गोंडा के जिला अस्पताल के पास कर्मचारी आवास के सामने कई महीनों से भरा गंदा पानी। - फोटो : GONDA
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गोंडा। वार्डों की सड़कों पर फैले कचरे और चोक नालियों से एक बार फिर जिला गंदगी की जद में आ गया है। शहर के मुख्य सड़क को कचरा डंप सेंटर बना दिया है। लोगों को गंदगी व जल जमाव से न करके रोगों से बचने की सलाह देने वाले स्वास्थ्यकर्मचारियों के आवास के बाहर गंदे तालाब का नरक कुंड भरा है। शहर वासियों के लिए डेंगू व अन्य गंदगी जनित रोगों से बचना मुश्किल है।
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प्रदेश में डेंगू व वायरल फीवर से हाहाकार मचा है। जिले में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव भूल रहे हैं। अस्पताल वायरल बुखार के मरीजों से भरे हैं। डेेंगू ने अपना प्रकोप जारी कर दिया है।
गंदगी व जल जमाव एक बड़ी महामारी को न्योता दे रहा है। शहर के लगभग सभी मोहल्लों में नालियां चोक हैं। मुख्य मार्ग गोंडा-बलरामपुर राजमार्ग पर महारानीगंज के पास मोहल्ले का कचरा डंप सेंटर बना रखा है। पूरे मोहल्ले का कचरा वहीं डंप किया जाता है।
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फल व सब्जियों की दुुकानें लगी रहती है। इन दुकानों से फेंके गए कचरे से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। वार्डों में नाली चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। लोगों को परेशानी हो रही है।
समस्या की ओर न तो नगर प्रशासन और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन बने या फिर नाली गहरी कर साफ-सफाई करवा दी जाए तो समस्या कम हो जाएगी।
जिला अस्पताल के बगल में ही कोविड अस्पताल के सामने एक तालाबनुमा बड़े गढ्ढे में महीनों से गंदा पानी भरा है। उसी के ठीक सामने स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों का आवास है।
जल निकासी की व्यवस्था न होने से सैकड़ों कर्मचारी परिवार व अस्पताल में आने वाला मरीज व तीमारदार को इस गंदगी का दंश झेलना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बगल हमेशा जल जमाव बना रहता है। ओपीडी का पर्चा बनवाने जाने वाले मरीजों व तीमारदारों को गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में अस्पताल आने वालों को बीमारियों का खतरा बना रहता है।
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