जिलों को फोर लेन से जोड़ने की कवायद को आखिरकार प्रदेश सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर ही दी। बहुप्रतीक्षित जरवल-गोंडा मार्ग अब चार लेेन का बन सकेगा। बुधवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इस 46 किलोमीटर मार्ग को स्वीकृति प्रदान करते हुए 458 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है।
इतना ही नहीं दर्जीकुआं से मनकापुर, मसकनवा होते हुए बभनान तक दो लेन तथा मनकापुर सादुल्लाहनगर होते हुए गौराचौकी तक दो लेन सड़क निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए 108-108 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जिले से तीन सड़कों के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा गया था, जिसमें जरवल रोड से गोंडा फोर लेन 46 किलोमीटर सड़क के साथ ही टू लेन की दो सड़कें दर्जीकुआं से बभनान व मनकापुर से सादुल्लानगर थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक ने मंजूर करते हुए इसे वित्त विभाग के पास भेज दिया है।
कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार सिंह के प्रस्ताव पर कैबिनेट बैठक में शामिल यह तीन सड़कें जिले में अभी तक काफी उपेक्षित थीं, जिनकी स्वीकृति बुधवार को मिल जाने के बाद इनके बनने का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है।
पीडब्ल्यूडी के सूत्रों की मानें तो तीनों सड़कों का निर्माण करीब 700 करोड़ यानि सात अरब रुपये की लागत से किया जाना है। जिसमें जरवल रोड से गोंडा, बड़गांव ओवरब्रिज तक बनने वाली सड़क की कुल लागत 458 करोड़ रुपये है(
वहीं दर्जीकुआं से बभनान के बीच 108 करोड़ रुपये व मनकापुर से सादुल्लानगर के बीच बनने वाली टू लेन सड़क की लागत भी 100 करोड़ रुपये से ऊपर है। जिले में काफी समय से बहुप्रतीक्षित चल रहीं तीनों सड़कों के बनने से लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा। साथ ही लोगों को एक जनपद से दूसरे जनपद तक आने-जाने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी।
कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने बताया कि जिलों को चार लेन से जोड़ने की कवायद में यह मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसके लिए राशि भी जारी हो जाएगी और सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
जरवल से गोंडा तक 46 किलोमीटर तक चार लेन सड़क का निर्माण होने से करीब 50 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सड़क का निर्माण होने से जिले की 34 लाख आबादी तथा बलरामपुर की करीब 20 लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
इतना ही नहीं राष्ट्रीय मार्ग में जुड़ने से लखनऊ का सफर अब पांच घंटे के बजाय डेढ़ से दो घंटे में तय होगा। इससे बहराइच जिले के विशेश्वरगंज, पयागपुर तथा श्रावस्ती जिले के इकौना, बलरामपुर तथा उतरौला से डुमरियांगज बस्ती तक के लोग इसका लाभ उठाएंगे।