पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। शासन ने नेशनल लाइव स्टाक मिशन के तहत लघु व सीमांत पशुपालकों को अनुदान पर चारा कुट्टी मशीन दिलाने की योजना शुरू की है। इस योजना में दो दुधारू पशु पालने वाले किसानों का ही चयन किया जाना है। योजना के मुताबिक पशुपालक को 5000 रुपये की मशीन खरीद पर 75 फीसदी या अधिकतम साढ़े तीन हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
उत्तर प्रदेश शासन पशुपालन अनुभाग के विशेष सचिव चंद्रकांत पांडेय ने दो दुधारू पशु पालने वाले लघु एवं सीमांत पशुपालकों को अनुदान पर चारा कुट्टी मशीन उपलब्ध कराने की योजना शुरू किये जाने की गाइड लाइन जारी की है। पशुपालन व दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए शासन ने 19 फरवरी को निदेशक प्रशासन पशुपालन विकास को गाइड लाइन जारी कर योजना के लिए धन की भी व्यवस्था कर दी है।
नेशनल लाइव स्टाक मिशन के तहत पशुपालकों को चारा काटने वाली मशीन की खरीद पर 75 फीसदी या अधिकतम 3,500 रुपये अनुदान देने का निर्णय लिया है।
अनुदान की रकम चयनित लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह योजना यदि सफल रही तो इससे न सिर्फ पशुपालन की परंपरा को बढ़ाने में आसानी होगी, बल्कि इससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को गति मिलेगी।
इस बाबत जिले के ग्राम भदुआतरहर के पशुपालक शत्रोहन यादव का कहना है कि पशुओं को समय से चारा उपलब्ध कराना पशुपालकों के सामने बड़ी चुनौती है। अच्छी किस्म की मशीन न होने से पशुपालक चारा काट कर समय से पशुओं को नहीं दे पाते है।
जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी गोंडा आरपी यादव ने कहा कि लघु व सीमांत
पशुपालकों के लिए शासन ने अनुदान पर पशुओं के लिए चारा काटने की मशीन देने
की योजना शुरू की है। इस योजना के बाबत अभी जिले में उनके पास गाइड लाइन व
बजट आदि नहीं आया है। लेकिन नये वित्तीय वर्ष मार्च के बाद आने की उम्मीद
है। निदेशालय से लिखित आदेश आ जाने के बाद कार्रवाई शुरू करा दी जाएगी।
योजना में मिलने वाला लाभ
* चारा कुट्टी मशीन की कुल कीमत - 5000 रुपये ।
* लाभार्थी को अधिकतम लाभ - 75 फीसदी या 3,750 रुपये ।