किसानों व व्यापारियों के लिए खुशखबरी है। भारत सरकार कृषि उत्पादन मंडियों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने जा रही है। ग्लोबल मार्केट में किसानों के अनाज की खरीद फरोख्त के लिए मंडियों में ई-आक्शन प्लान शुरू किया जा रहा है। इससे किसान अब देश की किसी भी मंडी में अपनी उपज को ऑनलाइन बेच सकेंगे। यूनिफाइड लाइसेंसी व्यापारी किसी भी ई-टेंडरिंग वाली मंडी से किसानों का अनाज ऑनलाइन नीलामी में खरीद कर किसी भी मंडी में बेच सकेंगे।
भारत सरकार किसानों को उसकी उपज का सर्वाधिक मूल्य दिलाने के लिए ई-टेंडरिंग वाली मंडियों में ग्लोबल स्तर पर नीलामी शुरू कर रही है। मंडियों को ई-आक्शन प्लान में शामिल किया जा रहा है।
भारत सरकार पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश में इसे छह मंडियों बहराइच, लखीमपुर, ललितपुर, मथुरा, सहारनपुर व सुल्तानपुर में शुरू कर रही है। इसे बाद में अन्य मंडियों में भी लागू किया जाएगा।
किसान के अनाज की देश भर के लाइसेंसी व्यापारी अधिकतम बोली लगाएंगे। बोली से सहमत न होने पर किसान अपना अनाज पोर्टल में उपलब्ध किसी भी वेयर हाउस में रख सकता है। जब किसान को उचित लगे तो उस पर दोबारा बोली लगवाने की सुविधा मिलेगी। सभी वेयर हाउस भी ऑनलाइन पोर्टल से जोड़े जाएंगे।
किसी भी किसान के अनाज का व्यापारी अधिकतम नीलामी मूल्य लगाएगा। अधिकतम बोली पर किसान सहमत है तो उस दर को कंप्यूटर पर लॉक करा दिया जाएगा। अधिकतम बोली लगाने वाला व्यापारी अनाज को खरीदेगा। किसानों को भुगतान की सुविधा ऑनलाइन व ऑफ लाइन दोनो मोड में उपलब्ध रहेगी।
मंडियों में क्वालिटी टेस्टिंग लैब की स्थापना की जाएगी। इसके लिए मंडी समितियां इन्फ्र ास्ट्रक्चर में ग्रेन टेस्टिंग मशीन व कंप्यूटर सिस्टम आदि की व्यवस्था करेंगी। टेस्टिंग के बाद किसान का नाम किसान के उपज/अनाज की जिंस व उसकी क्वालिटी और मात्रा को नीलामी के लिए साफ्टवेयर के जरिये पोर्टल पर डाल दिया जाएगा।
काश्तकारों को कृषि उत्पादों की अधिकतम एवं प्रतिस्पर्द्धात्मक कीमत दिलाने के उद्देश्य से मंडी अधिनियम व नियमावली में संशोधन किया जा रहा है। इस तरह के नियम से व्यापारियों के लिए एकल लाइसेंस व ऑनलाइन मार्के टिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।
नई व्यवस्था में किसी व्यापारी को अब अलग-अलग लाइसेंस न देकर एक यूनिफाइड लाइसेंस दिया जाएगा। इसके लिए व्यापारी का मंडी बोर्ड की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उसे ई-टेंडरिंग वाली मंडी में कहीं भी उत्पाद खरीदने व बेचने का लाइसेंस व अधिकार मिल जाएगा।
प्रदेश की छह मंडियों में शुरू होगी ई-टेंडरिंग
* बहराइच * लखीमपुर * ललितपुर * मथुरा * सहारनपुर * सुल्तानपुर ।
सिस्टम एनालिस्ट मंडी परिषद लखनऊ सत्येंद्र तिवारी ने कहा कि भारत सरकार ने कृषि बाजार को ग्लोबल मार्केटिंग से जोड़ने के लिए मंडियों में ई-आक्शन की व्यवस्था शुरू की है।
मंडियों में किसानों के अनाज की गुणवत्ता की जांच के लिए क्वालिटी टेस्टिंग लैब बनेगा। ई-टेंडरिंग वाली मंडियोें में जिले में पहली बार प्रदेश की छह मंडियों को शामिल किया गया है। मंडी बोर्ड की वेबसाइट पर व्यापारी का रजिस्ट्रेशन होगा। इससे व्यापारी को व्यापक अधिकार मिलेगा। वह देश के किसी भी जिले के किसान की उपज को ऑनलाइन खरीद व बेच सकेगा।