गोंडा। जिले में मरीजों को मुफ्त दी जाने वाली लाखों कीमत की दवाएं कॉर्पोरेशन ड्रग वेयर हाउस के स्टोर में बेकार होने की कगार पर हैं। यहां रखी दर्जन भर जीवन रक्षक व अन्य बीमारी में इस्तेमाल आने वाली दवाएं अगले दो माह में बिना उपयोग ही एक्सपायर्ड हो जाएंगी। दूसरी तरफ अस्पतालों के दवा वितरण काउंटर पर दवा न मिलने से परेशान मरीजों को खुले बाजार से महंगी दवाएं खरीदना पड़ रही है। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री के कड़े तेवर देख कॉर्पोरेशन के अधिकारी अब ड्रग स्टोर में मौजूद इन दवाओं को खपाने की कवायद में जुटे नजर आ रहे हैं।
ड्रग स्टोर में मौजूद सांस के रोगियों के लिए कारगर मानी जाने वाली आइप्राटोपियम ब्रोमाइड, नोजल ड्राप अल्प्राजोलम व जाइलोमेटा जोलाइन की 33967 रुपया कीमत की हजारों गोलियां इसी माह की 31 तारीख को एक्सपायर हो रही है। इसके साथ ही आने वाले दो से तीन माह में कई अन्य जीवन रक्षक दवाओं के प्रयोग की अवधि भी खत्म होने से वह बेकार हो जाएगी। एक्सपायर्ड होने की कगार पर आने वाली दवाओं को छंटनी कर अलग रखा जा रहा है। इन्हें जल्दी खपाने के लिए अब जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक व प्राथमिक केंद्रों पर इंडेंट करने का दबाव बनाया जा रहा है ताकि इन दवाओं को बांटकर कार्पोरेशन अपनी जान छुड़ा सके। (संवाद)
मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रही दवाएं
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में मरीजों को हर रोज मरीजों को बाहर की दवाएं खरीदनी पड़ती है। वहीं सरकारी पैसे से खरीदी गई लाखों की दवाएं कार्पोरेशन के ड्रगवेयर हाउस में ही खराब होने की कगार पर पहुंच गयी है। सरकारी अस्पतालों में तैनात डाक्टर निजी मेडिकल स्टोरों से मिलने वाले कमीशन के चक्कर में दवा स्टोर की दवाएं लिखने से परहेज कर मरीजों को बाहरी दवाएं ही लिखते हैं।
मई में एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं
दवा मात्रा
आइप्राटोपियम ब्रोमाइड 2910 टैबलेट
जाइलोमेटा जोलाइन 990 ड्राप
अल्प्राजोलम 43350 टैबलेट
अगले चार माह में एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं
- आईसोरबिड, मल्टीविटामिन, पैरासिटामाल, सलबूटामाल बीटाडाइन मलहम, बच्चों की एंटीबायोटिक, आयरन इंजेक्शन, हार्ट फेल्योर समेत कई अन्य जीवन रक्षक दवाएं। इनकी अनुमानित कीमत लाखों में आंकी गयी है।
जिले के सभी ड्रग वेयर हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। अगर अधिक मात्रा में एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं पाई गई तो सभी अस्पतालों से दवाएं न लेने तथा न मरीजों को न बांटे जाने का स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डॉ. अनिल मिश्र, जेडी, स्वास्थ्य