फोटो- 32- गोंडा के जीआईसी में प्रवेश के लिए लाइन लगाए टीईटी परीक्षार्थी। संवाद
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गोंडा। शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी रविवार को दो पालियों में 28 केंद्रों पर हुई। दो पालियों में 28 केंद्रों पर 20,177 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। दोनो पालियों में 17,932 परीक्षार्थी ही शामिल हो सके। पहली बार ऐसा हुआ कि 2,245 अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सके। इस बार केंद्रों पर प्रवेश के लिए 45 मिनट पहले ही पहुंचना था। इसमें देरी होने पर केंद्रों पर लगे अधिकारी इतने सख्त हो गए कि प्रवेश ही नहीं दिए। इससे केंद्र के बाहर ही बड़ी संख्या में परीक्षार्थी रह गए और उन्हें बिना परीक्षा के लौटना पड़ा।
28 नवंबर को टीईटी की परीक्षा रद्द होने के बाद रविवार को हुई। परीक्षा में प्रशासन के तेवर काफी सख्त रहे। स्थिति यह रही कि परीक्षार्थियों की छोटी सी चूक भारी पड़ी। अधिकारियों ने एक न सुनी और इसके कारण कई परीक्षार्थियों को निराश होना पड़ा। केंद्रों पर प्रथम पाली में टीईटी के 12507 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन 11,201 अभ्यर्थी ही परीक्षा दे पाए। पहली पाली में ही 1306 अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सके। इसमें अधिकतर देर से आने के कारण भी परीक्षा से वंचित हो गए। इसी तरह द्वितीय पाली में 7670 अभ्यर्थियों में से 6731 ही परीक्षार्थी शामिल हो सके। दूसरी पाली में भी 939 अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सके। इसमें अधिकतर सख्ती के कारण परीक्षा से बाहर ही रहे। पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्र ने कई केंद्रों का निरीक्षण किया।
गेट बंद होने पर हंगामा करने पर पहुंचे एसडीएम
टीईटी परीक्षा के दौरान फातिमा कालेज में गेट बंद कर दिया गया था। इससे वहां मौजूद अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचे और उन्होने गेट खुलवाया। इसके बाद परीक्षार्थियों की समस्या दूर हो सकी। बताया जा रहा है कि केंद्रों पर गेट 45 मिनट पहले खोला जाना था। जिसके बाद अभिलेखों की जांच के बाद ही प्रवेश मिलना था। इसमें प्रवेश वेबसाइट से डाउनलोड किया गया प्रवेश पत्र में फोटोयुक्त आईडी एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र अथवा रजिस्ट्रार या सक्षम अधिकारी द्वारा इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र की प्रमाणित प्रति देखकर ही प्रवेश मिलनी थी। इसमें किसी एक की कमी से प्रवेश नहीं मिला।
टीईटी की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई है। प्रवेश के लिए तय मानक के साथ परीक्षा हुई है। राकेश कुमार, डीआईएस