गोंडा। बोर्ड परीक्षा 143 केंद्रों पर होगी, 80 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। तैयारियों में प्रशासन ने ऐन वक्त पर 22 केंद्रों के व्यवस्थापकों को बदल दिया है। साथ ही जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए हैं। कहा कि परीक्षा में शुचिता बनाए रखें। केंद्र व्यवस्थापकों की सूची से बोर्ड ने 22 केंद्र व्यवस्थापकों को बदल दिया है। सत्यापन में यह बात सामने आई कि चार केंद्र व्यवस्थापक 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं और दो केंद्र व्यवस्थापकों के पाल्य की परीक्षा उसी केंद्र में है। केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती में बदलाव करना पड़ा।
शनिवार को डीआईओएस कार्यालय में पटल सहायक प्रवीण सिंह के साथ डीआईओएस राकेश कुमार ने केंद्र व्यवस्थापकों से उनके दिए हुए नंबरों पर बात करके सूची का सत्यापन करके बोर्ड को भेजी। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया नई सूची का सत्यापन कर लिया गया है। परीक्षाओं को नकल विहीन एवं पारदर्शिता पूर्ण कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने कहा कि परीक्षाओं का माहौल खराब करने अथवा नकल कराने का प्रयास कराने वाले किसी भी असामाजिक तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यदि उसमें विद्यालय प्रबंधन की संलिप्तता पाई गई तो परीक्षा केन्द्र को डिबार करा दिया जाएगा। बताया कि हाईस्कूल एवं इंटर के परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए 143 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जहां पर हाईस्कूल व इंटर के 80 हजार 594 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था करने का दिया निर्देश
केन्द्र व्यवस्थापकों को परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए पर्याप्त फर्नीचर, शौचालय, पार्किंग, विद्युत, पेयजल आदि की समय से व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित कराई जाय। डीएम ने यूपी बोर्ड परीक्षाओं को सकुशल संपन्न कराए जाने के लिए बनाए गए परीक्षा केंद्रों के प्रभारियों, प्रधानाचार्य एवं प्रबंधकों को परीक्षा कक्ष में प्रकाश, बैठने, पीने के पानी एवं साफ सफाई के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्र पर स्थापित समस्त शौचालय को दुरुस्त करते हुए साफ-सफाई कराने एवं परीक्षा के दौरान नियमित रूप से दो से तीन बार साफ सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।
सीसीटीवी से रखी जाएगी नजर, लापरवाही पर एफआईआर
जिले के 143 परीक्षा केन्द्र सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेंगे। केंद्र प्रभारियों को परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने एवं उनको इंटरनेट के माध्यम से कनेक्ट करने के निर्देश दिए। जिससे कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा केंद्र एवं परीक्षा कक्ष की निगरानी की जा सके। किसी भी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान नकल कराने अथवा किसी भी छात्र, छात्रा के स्थान पर कोई अन्य परीक्षार्थी पेपर देते हुए पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी। परीक्षा केंद्र प्रबंधक तथा प्रधानाचार्य के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्र पर तैनात कोई भी कर्मचारी मोबाइल लेकर नहीं आएगा। केंद्र पर परीक्षा में जितने कक्षों की आवश्यकता है, उतने कक्षों को खोला जाएगा। शेष कक्ष सील रहेंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रत्येक परीक्षा कक्ष की उत्तर पुस्तिकाओं को तत्काल परीक्षा कक्ष में लिफाफे में रखते हुए सील करने की कार्यवाही की जाएगी। इसमें यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।