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विस चुनाव में 25 लाख वोटर के लिए तय होंगे नए सिरे से बूथ

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गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग के आदेश पर प्रशासन ने तैयारियों का खाका खींच लिया है। आयोग की नई गाइड़ लाइन के आधार पर बूथों को तैयार करने की कार्रवाई शुरू होगी। जल्द ही नए मतदाताओं को जोड़ने का अभियान चलेगा। जिसमें पहली जनवरी 2022 को 18 साल की आयु पूरी करने वालों को मतदाता बनाया जाएगा। इसके लिए 2822 बूथ लेवल आफिसर पहले से ही तय हैं। आयोग ने इस बार 1500 के स्थान पर एक बूथ पर 1200 मतदाताओं की सीमा तय किया है।
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अगले साल फरवरी से मार्च माह में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी आयोग ने शुरू करा दिया है। जनवरी तक तैयारियां पूरी हो जाएंगीं। फरवरी माह में चुनाव कराने में कोई दिक्कत न हो। अभी आयोग के पास पांच माह का समय है, जिसमें वह बूथ मैनेजमेंट के साथ ही मतदाता सूची को दुरूस्त करने की कार्रवाई पूरा करा लेगा। चुनाव की तिथि तो बाद में तय होगी, लेकिन फरवरी से मार्च माह में चुनाव कराने की तैयारी पूरी की जा रही है। जिले के सात विधानसभाओं के लिए चुनाव होने हैं। इस बार प्रति पोलिंग बूथ अधिकतम 1200 वोटर ही मतदान कर सकेंगे। पहले यह मानक 1500 वोटर प्रति पोलिंग बूथ का था। कोरोना संक्रमण को देखते हुए हाल ही में हुए बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव में 1200 वोटर प्रति पोलिंग बूथ का मानक तय कर चुनाव करवाए गए थे। इसी तर्ज पर यूपी के विधानसभा चुनाव में भी 1200 वोटर प्रति पोलिंग बूथ का मानक हुआ है।
चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रभावी कार्रवाई करने के खास निर्देश दिए गए। अब चूंकि 1200 वोटर प्रति पोलिंग बूथ का मानक तय कर दिया गया है, इसलिए पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ेगी और मतदान केन्द्रों की स्थिति में बदलाव आएगा। चुनाव आयोग ने चुनाव में दिव्यांग, युवा और महिला वोटरों को शामिल करने पर खास जोर दिया है। आयोग का इस बार का फोकस प्वांइट है- कोई भी अर्ह वोटर छूटने न पाए। पोलिंग बूथ बढ़ने की वजह से ईवीएम की संख्या बढ़ेगी, साथ ही पोलिंग स्टाफ, वाहन, आदि की तादाद भी बढ़ेगी। केन्द्रीय चुनाव आयोग ने हर मतदान केन्द्र पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा है।
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बढ़ सकते हैं दो लाख से अधिक मतदाता
- साल 2019 में लोकसभा चुनाव में 23 लाख 74 हजार 966 मतदाता शामिल थे। जिसमें 10 लाख 94 हजार 985 से अधिक महिला वोटर थीं। उस समय मतदान के लिए 1616 मतदान केंद्र और मतदेय स्थल 2882 बनाए गए थे। मतदाता सूची में 12 लाख 86 हजार 969 पुरुष मतदाता व अन्य में 93 मतदाता शामिल थे। मतदाता सूची में विधानसभा वार मेहनौन में तीन लाख 61 हजार 828, गोंडा विधानसभा में 3 लाख 44 हजार 977, कटरा में 3 लाख 68 हजार 562, करनैलगंज में 3 लाख 17 हजार 201, तरबगंज में 3 लाख 54 हजार 234, मनकापुर में 3 लाख 19 हजार 157, गौरा में 3 लाख 16 हजार 88 मतदाता थे। उस समय जिले की अनुमानित संख्या 40 लाख 59 हजार मानकर मतदाता सूची तैयार की गई थी। अब मतदाता सूची भी नए सिरे तैयार होगी। जिसमें दो लाख से अधिक मतदाताओं के बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। वैसे पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में 26 लाख 59 हजार मतदाता इस बार हैं। लेकिन विधानसभा में इतने मतदाता होने की उम्मीद नही है।
पार्टियों पर भी चढ़ने लगा चुनावी रंग
- निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन जारी होने के बाद से सियासी दल भी चुनावी मूड़ में दिख रहे हैँ। सत्ताधारी भाजपा पार्टी तो चुनावी तैयारियों में पहले से ही जुटी है। सरकार भी योजनाओं के जरिए आम जनता के बीच पैठ बनाने में जुटी है। वहीं सपा भी कई स्थानीय मुद्दों को जोर शोर से उठा रही है। बसपा के पदाधिकारियों की आमद भी बढ़ गई है। बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष जिले में आकर बैठक भी कर चुके हैं। कांग्रेस भी महंगाई समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेर कर अपनी स्थिति को मजबूत बना रही है। आप के साथ ही कई दलों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। माना जा रहा है, यह साल अब चुनावी तैयारियों में गूंजता बीतेगा।
- निर्वाचन आयोग की ओर से बूथों पर मतदाताओं की संख्या कोविड को देखते हुए तय की गई है। उसके आधार पर तैयारियां की जा रही है। आयोग के निर्देशों पर अमल किया जा रहा है। जगजीत सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी
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