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कूड़े के प्रदूषण से शहर समेत 26 गावों के लोगों की सांसों पर संकट

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गोंडा के फैजाबाद रोड बाईपास पर कूड़ा अड्डा पर कूड़ा जलता कूड़ा व उठता धुआं। - फोटो : GONDA
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गोंडा। जहरीली होती हवा से लोगों की सांसों पर संकट बढ़ गया है। शहर के पास पूरे शिवा बख्तावर में सड़क के किनारे ही पूरे शहर का कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। अक्सर कूड़े को नगर पालिका की ओर से फूंका जाता है।
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इससे शहर के साथ ही आसपास के गांवों में कूड़ेे का धुआं हवा में जहर घोल रहा है। साल 2019 में तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने नगर पालिका को दूसरी जगह कूड़ा डंप करने की हिदायत दी थी। उस समय नगर पालिका की ओर से कागजों में प्रयास शुरू हुए, लेकिन फिर हाथ पर हाथ रखकर नगर पालिका बैठ गया है। इससे शहर समेत करीब 26 गांवों के लोगों की सांसों पर संकट गहराता जा रहा है।
प्रदूषण से पूरे देश में हाहाकार मचा है और बीते साल 2019 में एक रिपोर्ट से जिले में भी प्रदूषण के खतरे से सावधान किया गया था। उस समय रिपोर्ट मिली थी कि प्रदूषण से गोंडा के लोगों की आयु आठ साल घट गई है। इससे प्रदूषण नियंत्रण के लिए जोर दिए गये थे। इसके बाद भी कूड़ा हटाने पर जोर नही दिया गया। इससे शहर ही नही गावों में भी प्रदूषण फैल रहा है।
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दो साल पहले जिलाधिकारी के आदेश की भी विभाग अनदेखी कर रहा है। कूड़ा जलाने से उठ रही हवा कई तरह की समस्या पैदा कर रही है। आसपास के गांवों के लोगों को भी कठिनाई होती है। इसके बाद भी प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है। सड़क किनारे होने के कारण आने-जाने वालों को भी जहरीली हवा का सामना करना पड़ रहा है।
पूरे शिवा बख्तावर के सर्वेश मिश्र उर्फ ज्ञान कहते हैं कि नगर पालिका की उदासीनता से कूड़े का निपटारा नहीं हो रहा है। कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
इसी तरह कई स्तर से भी मामले उठे। मंगलवार को पूरे शिवाबख्तावर निवासी ज्ञान मिश्रा ने जिलाधिकारी से झंझरी ब्लाक बाईपास के पास कूड़ा डंपिंग की वजह से गंदगी और वायु प्रदूषण की समस्या की जानकारी दी। इस पर डीएम ने मौके पर ही मौजूद ईओ नगर पालिका संजय मिश्रा को समस्या का समुचित और शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
पूरे शिवा बख्तावर के पास स्थित कूड़े के ढेर में अक्सर लोग मरे हुए जानवर भी फेंक आते हैं। ऐसे में कूड़ा जलाने से वह भी जलते हैं और प्रदूषण फैलाते हैं। कूड़े की स्थिति से आसपास के छह पंचायतों के 26 से अधिक गांवों की हवा प्रदूषित हो गई है। गांव के लोग कई सालों से उम्मीद जताए हैं कि इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन अभी भी लोगों की समस्या बरकरार है।
शहर के कूड़ों का निस्तारण करने की योजना कई बार बनी। तय हुआ था कि दुल्लापुर खालसा या करनपुर के पास कूड़ा निस्तारण के लिए व्यवस्था किया जाएगा। इसके बाद कार्य योजना भी तैयार हुई लेकिन अभी धरातल पर योजना उतर नहीं सकी है। साल 2011 में तत्कालीन जिलाधिकारी राम बहादुर ने भी पूरे शिवा बख्तावर कूड़ा स्थल का निरीक्षण किया था और वहां की समस्या के निस्तारण के निर्देश दिये थे। इसके बाद भी प्रशासन एक कदम भी आगे नही बढ़ सका।
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